11 साल की बच्ची को डराया-धमकाया, फिर घर से मंगवाए सोने के जेवर और नगदी! पति-पत्नी गिरफ्तार
रायपुर के गुढ़ियारी में नाबालिग को कथित तौर पर ब्लैकमेल कर रानीहार समेत जेवर और पैसे मंगवाने का आरोप; पुलिस ने दबिश देकर दोनों को पकड़ा

रायपुर। मोहल्ले में बच्चे किसके साथ उठते-बैठते हैं और किन लोगों के संपर्क में हैं, इस पर अभिभावकों को नजर रखना बेहद जरूरी है। रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र से सामने आया एक मामला इसी ओर इशारा करता है। यहां एक 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची को कथित तौर पर डराने-धमकाने और ब्लैकमेल कर उसके घर से सोने-चांदी के जेवर और नगदी मंगवाने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है।
डर का ऐसा दबाव कि घर से मंगवाती रही जेवर
मामला गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के अशोक नगर का है। जानकारी के मुताबिक, 11 वर्षीय बच्ची अपनी मामी के साथ रहती है। पास में ही वंदना साहू अपने पति दीपक साहू के साथ रहती थी।
शिकायत के अनुसार, आरोप है कि वंदना और दीपक ने नाबालिग को डराया-धमकाया और कथित तौर पर ब्लैकमेल कर उसके घर में रखे सोने-चांदी के जेवर मंगवाए।
नानी का रानीहार भी ले गई बच्ची
शिकायत में बताया गया है कि 2 सितंबर को बच्ची अपनी नानी का रानीहार भी चोरी-छिपे लेकर वंदना साहू को दे गई। आरोप है कि इसके अलावा बच्ची पर दबाव बनाकर उससे नगद रकम भी मंगवाई गई।
पुलिस के सामने यह भी शिकायत आई कि मोहल्ले के अन्य बच्चों को भी कथित तौर पर डराने-धमकाने और उनसे पैसे व जेवर लेने की कोशिश की गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए गुढ़ियारी पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 308(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया।
नॉर्थ जोन की डिप्टी कमिश्नर दीपमाला कश्यप ने एडीसीपी आदित्य पाण्डेय समेत संबंधित अधिकारियों को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार और नाबालिग से जानकारी जुटाई और आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
पति-पत्नी गिरफ्तार, जेवर भी बरामद
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वंदना साहू और दीपक साहू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से कथित तौर पर उगाही किए गए सोने के कान के टॉप्स और चेन बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया है। फिलहाल दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है।
यह मामला बच्चों को डराने-धमकाने या किसी संदिग्ध व्यक्ति के दबाव में आने की स्थिति में अभिभावकों द्वारा समय रहते ध्यान देने की जरूरत को भी सामने लाता है।

