छत्तीसगढ़

क्या सच में खत्म होने जा रहा है ‘लाल आतंक’? गृहमंत्री का बड़ा दावा—बस्तर में अब शांति!

532 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2700 ने किया सरेंडर… मार्च 2026 तक पूरी तरह सफाया करने का लक्ष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्षों से जारी नक्सल समस्या पर अब निर्णायक दौर की चर्चा तेज हो गई है। एक के बाद एक बड़े नक्सली नेताओं के एनकाउंटर और सरेंडर की खबरों के बीच सरकार का दावा है कि ‘लाल आतंक’ अब अपने अंतिम चरण में है।

नक्सल ऑपरेशन को लेकर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के अभियान के दौरान 1100 से अधिक हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें एके-47, एसएलआर और इंसास जैसी अत्याधुनिक राइफलें शामिल हैं।

गृहमंत्री के अनुसार, अब तक 532 नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं, 2004 को गिरफ्तार किया गया है और 2700 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। उन्होंने इसे सरकार की सटीक रणनीति और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई का परिणाम बताया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है और सरकार पूरी ताकत से इस दिशा में काम कर रही है। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि डेढ़ साल के इंतजार के बाद वह समय आ गया है जब सरेंडर करने वालों की संख्या गिरफ्तार किए गए नक्सलियों से अधिक हो गई है, जिसे उन्होंने “प्रसन्नता का दिन” बताया।

बस्तर के युवाओं को मिलेगा मौका

गृहमंत्री ने संकेत दिए कि जब बस्तर में पूरी तरह शांति स्थापित होगी, तब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि 2500 बस्तर फाइटर्स की भर्ती निकाली जाएगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स में 1000 पद, जेल विभाग में 100 पद और स्टेट इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स के लिए 500 पदों पर भर्ती की जाएगी।

अब बड़ा सवाल यह है—क्या सच में बस्तर में शांति की वह सुबह करीब है, जिसका इंतजार दशकों से किया जा रहा था? या अभी भी कुछ चुनौतियां बाकी हैं? आने वाले महीनों में यह तस्वीर और साफ होगी।

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