
महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ऑनलाइन सट्टेबाजी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद हड़कंप मच गया है। सांकरा पुलिस की कार्रवाई में तीन कथित खाईवाल गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन जांच में सामने आए डिजिटल सबूतों ने संकेत दिया है कि यह मामला केवल तीन आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे जल्द बेनकाब हो सकते हैं।
दुकान से शुरू हुई जांच, मोबाइल ने खोल दिए कई राज
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी क्षेत्र की एक दुकान में आईपीएल क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने छापेमारी कर जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाले गए, जिसमें कई संदिग्ध चैट, लेन-देन और सट्टे से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड सामने आने का दावा किया गया है।
पूछताछ में आरोपी नरेश निषाद और मनोहर मांझी ने पुलिस को बताया कि वे महाराष्ट्र के नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे के संपर्क में रहकर आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाते थे। हार-जीत की रकम स्थानीय स्तर पर एजेंटों के जरिए पहुंचाई जाती थी, जबकि कई भुगतान ऑनलाइन माध्यमों से किए जाते थे।
लाखों के लेन-देन के मिले संकेत
पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच में हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के प्रमाण मिले हैं। चैट रिकॉर्ड और स्क्रीनशॉट से यह भी संकेत मिले हैं कि सट्टे का यह नेटवर्क काफी व्यापक हो सकता है और इसके तार स्थानीय स्तर पर सक्रिय कई अन्य खाईवालों व एजेंटों से जुड़े हो सकते हैं।
10 मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नरेश निषाद (40), मनोहर मांझी (38) और मधुसूदन ठाकरे (40) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन और 1,500 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। बरामद उपकरणों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच भी की जा रही है।
क्या सामने आएंगे और बड़े नाम?
सांकरा थाना पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, मोबाइल लोकेशन और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान कई संदिग्ध मोबाइल नंबर और स्थानीय एजेंटों के सुराग मिलने की बात कही जा रही है। पुलिस का मानना है कि नागपुर से संचालित इस कथित नेटवर्क की कड़ियां कई अन्य सट्टा कारोबारियों तक पहुंच सकती हैं।
फिलहाल आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 7(1) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े कई और नामों का खुलासा हो सकता है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की संभावना बढ़ गई है।

