₹17000 करोड़ के लोन फ्रॉड केस में अनिल अंबानी की ED में पेशी आज, निवेशक धड़ाधड़ बेच रहे शेयर

रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) आज प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली स्थिति मुख्यालय में पेश होंगे। अनिल अंबानी आज सुबह ही मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित 17,000 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी मामले की चल रही जांच के तहत अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए तलब किया है।
उन्हें आज दिल्ली स्थित ED मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है। बता दें, ग्रुप की कंपनियों की स्थिति शेयर बाजार में आज काफी खराब है।
एक अगस्त को रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को ईडी की तरफ से समन भेजा गया था। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब चांज एजेंसी ने अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों की जांच की थी। जांच एजेंसी ने तब अलग स्थानों से कई डॉक्यूमेंट्स और कंप्यूटर को जब्त किया था। एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के अनुसार जांच एजेंसी ने अलग-अलग बैंकों लेकर लिखकर अनिल अंबानी की कंपनियों को जारी किए गए लोन का ब्यौरा मांगा है। रिपोर्ट के अनुसार यह पत्र आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक और पंजाब सिंध बैंक से डीटेल्स मांगा है।
शेयरों का बुरा है हाल
रिलायंस कम्युनिकेशन्स के शेयर आज गिरावट के साथ 3 प्रतिशत की गिरावट 1.39 रुपये लेवल पर खुला है। यह कंपनी के 52 वीक लो लेवल 1.33 रुपये के बेहद करीब है। एक महीने में इस कंपनी के शेयरों का भाव 11 प्रतिशत गिरा है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में लगा लोअर सर्किट
इस कंपनी के शेयरों में ओपन होते ही लोअर सर्किट लगा है। कंपनी के शेयरों का भाव 5 प्रतिशत की गिरावट के बाद 281.25 रुपये के लेवल पर ही खुला था। बीते एक महीने के दौरान कंपनी के शेयरों की कीमतों में 24 प्रतिशत की गिरावट आई है।
रिलायंस पावर शेयरों में भी भारी गिरावट
Reliance Power Ltd के शेयरों का भाव शुरुआती कारोबार में 5 प्रतिशत लुढ़क गया है। बीएसई में लोअर सर्किट लगने के बाद कंपनी का शेयर 45.32 रुपये के लेवल पर आ गया। रिलायंस पावर के शेयरों का भाव एक महीने में 31 प्रतिशत की गिरावट आई है।
ईडी के जांच पर इन कंपनियों का आया था जवाब
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा ने 26 जुलाई को एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा था कि इन रेड्स का उनके ऑपरेशन्स पर कोई असर नहीं डालेगा। उनका बिजनेस, वित्तीय प्रदर्शन, शेयरहोल्डर्स, कर्मचारी या अन्य किसी प्रकार के हिस्सेदार इस रेड्स से प्रभावित नहीं होंगे।
क्या है मामला?
शुरुआती जांच में पाया गया था कि 300 करोड़ रुपये के लोन को डायवर्ट किया गया है। यह लोन 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से मिला था। इसके बाद अधिकारियों ने जांच में पाया कि रिलायंस कम्युनिकेशन्स भी 14000 करोड़ रुपये का लोन फ्रॉड किया है। बता दें, 24 जुलाई को ईडी की तरफ से बैंकों के लो लोन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रेड की गई थी। इसके अलावा वित्तीय अनियमितताओं का भी आरोप लगा है।



