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74 साल की उम्र और अकेले किया 72 देशों का सफर… चीन में गर्मजोशी से हुआ ब्रिटिश सोलो ट्रैवलर का स्वागत

74 साल की उम्र में जहां ज्यादातर लोग घर की चौखट तक सीमित हो जाते हैं, वहीं एक ब्रिटिश महिला ने ऐसा सफर तय किया, जिसने दुनिया को हैरान कर दिया। 72 देशों की अकेले यात्रा करने के बाद जब वह चीन पहुंचीं, तो उनके साथ जो हुआ, उसने हजारों लोगों को भावुक कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बुजुर्ग महिला गिल ने अपने दम पर दुनिया के कई देशों का सफर किया है। लेकिन चीन में उन्हें जो अपनापन मिला, वह उनके लंबे सफर का सबसे खास और यादगार हिस्सा बन गया।

कहानी तब शुरू हुई जब Xiao Yu नाम के एक छात्र की मुलाकात गिल से थाईलैंड के फुकेत में हुई। बातचीत के दौरान जब उसे पता चला कि गिल 72 देशों की यात्रा अकेले कर चुकी हैं, तो वह खुद हैरान रह गया। बाद में जब उसे ईमेल के जरिए पता चला कि गिल चीन आने वाली हैं, तो उसने उनकी मदद करने का फैसला किया।

3 अप्रैल को Guilin में दोनों की मुलाकात हुई। यहां शियाओ यू ने गिल को शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे Elephant Trunk Hill और Diecai Hill घुमाया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और कई यादगार पल साथ बिताए।

इस मुलाकात के दौरान एक बात ने शियाओ यू को खास तौर पर प्रभावित किया—गिल तकनीक के मामले में उतनी सहज नहीं थीं। उन्हें मोबाइल ऐप्स इस्तेमाल करने में परेशानी होती थी और फोन की बैटरी खत्म होने की चिंता हमेशा बनी रहती थी। यह देखकर शियाओ को अपनी दादी की याद आ गई।

गिल की सुरक्षा और सुविधा को लेकर चिंतित शियाओ ने सोशल मीडिया पर एक भावुक अपील की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि अगर रास्ते में कहीं गिल मिलें, तो उनकी मदद जरूर करें। इस अपील का असर ऐसा हुआ कि जहां-जहां गिल गईं, वहां लोगों ने उनका खास ख्याल रखा।

गिल एक महीने के लिए चीन की यात्रा पर हैं, जिसमें GuangzhouChengduXi’anHangzhouXiamenShanghai और Beijing जैसे कई शहर शामिल हैं।

हुनान प्रांत के Zhangjiajie में तो वह एक टूर ग्रुप के साथ जुड़ गईं, जहां स्थानीय गाइड लू यान और अन्य यात्रियों ने उनका खास ध्यान रखा। हर जगह उन्हें अजनबियों का साथ मिला, जो धीरे-धीरे उनके अपने बनते गए।

यह कहानी सिर्फ एक यात्रा की नहीं है, बल्कि इंसानियत और भरोसे की उस ताकत की है, जो अनजान रास्तों पर भी किसी को अकेला नहीं छोड़ती। 74 साल की उम्र में गिल ने यह साबित कर दिया कि हिम्मत और जज्बा उम्र का मोहताज नहीं होता, और दुनिया आज भी अच्छाई से भरी हुई है।

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