छत्तीसगढ़

‘हथियार छोड़ो या सख्ती झेलो’—बस्तर की धरती से अमित शाह का माओवादियों को आख़िरी संदेश

सरेंडर करने वालों के लिए सम्मान, हिंसा जारी रखने वालों के लिए चेतावनी

‘हथियार छोड़ो या सख्ती झेलो’—बस्तर की धरती से अमित शाह का माओवादियों को आख़िरी संदेश

सरेंडर करने वालों के लिए सम्मान, हिंसा जारी रखने वालों के लिए चेतावनी

रायपुर / जगदलपुर।
बस्तर की धरती से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों को एक बार फिर दो टूक संदेश दिया—
“हथियार डाल दीजिए, विकास की मुख्यधारा में आइए… वरना कड़ी कार्रवाई तय है।”

सोमवार को जगदलपुर में बस्तर पंडुम उत्सव के समापन समारोह के दौरान विशाल आदिवासी सभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई किसी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि आदिवासी गांवों की सुरक्षा, बच्चों के भविष्य और बस्तर के विकास के लिए है।

2,500 से ज्यादा ने छोड़ी हिंसा, अब भी मौका है

गृह मंत्री ने हथियार उठाए लोगों से सरेंडर करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत अब तक 2,500 से अधिक लोग हिंसा का रास्ता छोड़ चुके हैं और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
हालांकि उन्होंने सख्त चेतावनी भी दी—
“जो IED लगाते हैं, गांवों पर हमला करते हैं या स्कूलों को निशाना बनाते हैं, उनके खिलाफ कोई नरमी नहीं होगी।”

कर्फ्यू से संस्कृति तक—बस्तर में ऐतिहासिक बदलाव

अमित शाह ने कहा कि बस्तर अब देश के सामने एक चमकते उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
जहां कभी कर्फ्यू जैसा माहौल रहता था, वहां अब—

  • बंद पड़े स्कूल फिर से खुल चुके हैं

  • रातों में डर नहीं, मुस्कुराते चेहरे दिखते हैं

  • लोकनृत्य और सांस्कृतिक उत्सवों की गूंज सुनाई देती है

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पांच साल में बस्तर छत्तीसगढ़ का सबसे विकसित डिवीजन बन जाएगा।

हर गांव तक बिजली, मोबाइल और अस्पताल

गृह मंत्री शाह ने घोषणा की कि 27 दिसंबर तक बस्तर के हर गांव में—

  • बिजली

  • मोबाइल कनेक्टिविटी

  • अस्पताल, कॉलेज और डाकघर

  • अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं
    पूरी तरह उपलब्ध होंगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी आदिवासी किसानों का धान खरीदा जाएगा, साथ ही मुफ्त चावल, गैस सिलेंडर और नल से जल की सुविधा दी जाएगी।

नक्सलवाद खत्म होते ही टूरिज्म और रोजगार का विस्फोट

शाह ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर में—

  • एडवेंचर टूरिज्म

  • होमस्टे

  • कैनोपी वॉक

  • ग्लास ब्रिज
    जैसे नए अवसर विकसित किए जाएंगे, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।

बस्तर के लिए बड़ी विकास घोषणाएं

गृह मंत्री ने कई अहम परियोजनाओं की भी घोषणा की—

  • 118 एकड़ में नया औद्योगिक क्षेत्र

  • इंद्रावती नदी पर सिंचाई और 120 मेगावॉट बिजली परियोजना

  • ₹3,500 करोड़ की रावघाट–जगदलपुर रेल लाइन

  • नदी जोड़ो परियोजना

  • 90 हजार युवाओं के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण

आदिवासी विरासत को मिला राष्ट्रीय मंच

अमित शाह ने बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति—अबूझ मारिया, मुरिया, गोंड, हल्बा, भतरा, धुरवा, परजा, गडबा समेत कई समुदायों—की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम ने इस विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है और घोषणा की कि सभी 12 कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीमें राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति देंगी और राष्ट्रपति के साथ भोजन करेंगी—इसे उन्होंने बस्तर के लिए ऐतिहासिक सम्मान बताया।

शहीद जवानों को नमन

अपने संबोधन के अंत में गृह मंत्री शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए सुरक्षा बलों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी।

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