“दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा” — राजिम हिंसा पर CM साय का सख्त संदेश, महादेव सट्टा एप पर भी चेतावनी
कोरबा–अंबिकापुर दौरे से पहले CM का बड़ा बयान, सरकारी कर्मचारी भी जांच के दायरे में

रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजिम हिंसा और महादेव सट्टा एप मामले को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। कोरबा और अंबिकापुर दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राजिम में हुई हिंसा के दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आज कोरबा और अंबिकापुर में भारतीय जनता पार्टी के नए कार्यालयों का भूमिपूजन किया जाएगा। इसी दौरान मीडिया से चर्चा में उन्होंने राजिम में दो संप्रदायों के बीच हुए विवाद पर कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
महादेव सट्टा एप मामले पर मुख्यमंत्री ने और भी कड़ा संदेश दिया। सीएम साय ने कहा कि यदि इस मामले में कोई शासकीय कर्मचारी भी संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
इधर, कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के बाद पार्टी की ट्रेनिंग को लेकर चल रही चर्चाओं पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के संगठन का आंतरिक विषय है और इसकी जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष की है। भाजपा अन्य दलों के आंतरिक मामलों में टिप्पणी नहीं करती।
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