“कौन बनेगा डिप्टी मेयर? रांची में ‘गायब’ पार्षदों ने बढ़ाया सस्पेंस, आज खुल सकता है बड़ा राज!”
भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, आखिरी पल तक चल रहा खेल… कहीं पलट न जाए पूरा चुनावी समीकरण!

झारखंड की राजधानी रांची में आज सियासी हलचल अपने चरम पर है। नगर निगम के डिप्टी मेयर पद को लेकर ऐसा घमासान मचा हुआ है कि हर किसी की नजर आज होने वाले फैसले पर टिकी है। मेयर के बाद यह दूसरा सबसे अहम पद माना जाता है, इसलिए सत्ता की इस कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पूरी ताकत झोंक चुकी हैं।
19 मार्च को पार्षदों के शपथ ग्रहण और नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर साफ होगी कि आखिर इस कुर्सी पर किसका कब्जा होगा। लेकिन उससे पहले ही पिछले दो हफ्तों से दोनों दलों के बीच अंदरखाने जबरदस्त खींचतान जारी है।
कांग्रेस की ओर से इस चुनाव की कमान सुबोधकांत सहाय और बंधु तिर्की संभाल रहे हैं। कई दौर की बैठकों के बावजूद पार्टी अब तक किसी एक उम्मीदवार के नाम पर सहमति नहीं बना पाई है।
वहीं दूसरी ओर भाजपा में भी रणनीति बनाने का दौर लगातार जारी है। संजय सेठ, सीपी सिंह और नवीन जायसवाल जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी में देर रात तक मंथन चलता रहा, लेकिन नतीजा अब तक साफ नहीं हो पाया है।
इस बीच सबसे बड़ा सस्पेंस 21 पार्षदों को लेकर बना हुआ है, जो अचानक रांची से बाहर बताए जा रहे हैं। खबर है कि ये पार्षद फिलहाल किसी के संपर्क में नहीं हैं और सीधे मतदान के दिन ही सामने आएंगे। इसे क्रॉस वोटिंग या दल-बदल रोकने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को और भी गरमा दिया है।
संख्या की बात करें तो भाजपा 17 पार्षदों के समर्थन का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस 18 से 20 पार्षदों के साथ होने की बात कह रही है। वहीं झामुमो के 5 और राजद के 3-4 पार्षद भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा निर्दलीय पार्षदों की चुप्पी ने सस्पेंस को और गहरा कर दिया है।

