आकाश से बरसे आशीर्वाद! हर-हर महादेव से गूंज उठा भोरमदेव, CM साय ने किया पुष्पवर्षा से स्वागत
सावन के तीसरे सोमवार पर भक्ति का ऐतिहासिक संगम, हजारों कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से बरसे फूल, मुख्यमंत्री ने रुद्राभिषेक कर मांगी प्रदेश की खुशहाली

कवर्धा (छत्तीसगढ़):
सावन मास का तीसरा सोमवार, आस्था और अध्यात्म का उत्सव… और उस पर जब आकाश से पुष्पवर्षा हो, तो दृश्य किसी स्वर्गिक अनुभव से कम नहीं होता। कुछ ऐसा ही अद्वितीय नज़ारा देखने को मिला बाबा भोरमदेव मंदिर परिसर में, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेलीकॉप्टर से हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया।
इस शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा व अरुण साव भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे।
🌺 पुष्पवर्षा और पूजा-अर्चना
यह लगातार दूसरा वर्ष है जब मुख्यमंत्री ने स्वयं पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं को सम्मानित किया। इसके पश्चात वे बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंत्रोच्चारण के साथ रुद्राभिषेक और विशेष पूजा कर प्रदेश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
👣 पदयात्रियों को सम्मान, संस्कृति का सम्मान
मुख्यमंत्री ने 151 किमी पदयात्रा कर पहुंची पंडरिया विधायक भावना बोहरा को भगवा वस्त्र और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा— “हजारों श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर भोलेनाथ के दर्शन हेतु यहां पहुंचे हैं। यह छत्तीसगढ़ की जीवंत धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।”
🛕 भोरमदेव कॉरिडोर: आस्था से पर्यटन तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि 146 करोड़ की “स्वदेश दर्शन 2.0” योजना के अंतर्गत भोरमदेव कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना मंदिर परिसर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा और सरोदा जलाशय को जोड़ते हुए एक धार्मिक-पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगी।
साथ ही मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में 5 एकड़ भूमि पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृह निर्माण की भी प्रक्रिया जारी है।
🔔 भक्ति से सराबोर हुआ भोरमदेव
श्रावण मास में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु 150 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा कर बाबा भोरमदेव, बूढ़ा महादेव, डोंगरिया जलेश्वर जैसे ऐतिहासिक शिव मंदिरों में जल चढ़ाते हैं। माँ नर्मदा से जल लेकर, नंगे पांव और भगवा वस्त्रों में “बोल बम” के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिरस से सराबोर रहता है।



