“शवों को गठरी की तरह फेंका… मौत के बाद भी नहीं मिला सम्मान! रामकृष्ण हॉस्पिटल का VIDEO देख खौल उठेगा खून”
सेप्टिक टैंक में दम घुटने से 3 सफाईकर्मियों की मौत, अब सामने आया शर्मनाक वीडियो—लापरवाही या अमानवीयता?

रायपुर। राजधानी रायपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां रामकृष्ण हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत हो गई। लेकिन हादसे के बाद जो वीडियो सामने आया है, उसने पूरे मामले को और भी शर्मनाक बना दिया है।
मंगलवार देर शाम पचपेड़ी नाका इलाके में अस्पताल परिसर के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी और खतरनाक गैसों की अधिकता के कारण उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन टैंक के अंदर अत्यधिक जहरीली गैस होने के कारण शवों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया। टीम ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला।
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा आक्रोश उस वीडियो को लेकर है, जिसमें मृतकों के शवों को वैन में ऐसे फेंका जाता दिख रहा है, मानो वे इंसान नहीं बल्कि कोई सामान हों। इस दृश्य ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला जहरीली गैस के कारण दम घुटने का प्रतीत हो रहा है, लेकिन असली वजह की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सफाई कार्य के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। यदि किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे खतरनाक कार्यों में लगे श्रमिकों को उचित प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण देना बेहद जरूरी होता है, वरना ऐसी घटनाएं कभी भी जानलेवा साबित हो सकती हैं।


