CG Contract Employee Salary Hike: रातों-रात बदल गई किस्मत! छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 33% बढ़ा मानदेय, अब हर महीने ज्यादा पैसा और पेट्रोल भत्ता भी

रायपुर।
छत्तीसगढ़ में संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने संविदा पर कार्यरत लाइन परिचारकों के लिए ऐसा फैसला लिया है, जिसने हजारों कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। कंपनी ने न सिर्फ उनके मानदेय में लगभग 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, बल्कि वर्षों से चली आ रही 10 साल बाद सेवा समाप्ति की शर्त को भी खत्म कर दिया है।
⚡ लाइन परिचारकों की बल्ले-बल्ले! CM साय की पहल लाई बड़ा बदलाव
यह अहम निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सहानुभूतिपूर्ण मार्गदर्शन में लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह और डिस्ट्रीब्यूशन व जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव की पहल पर इस प्रस्ताव को त्वरित मंजूरी मिली। इसके बाद मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
💰 अब हर महीने सीधे 4,721 रुपए ज्यादा, जानिए पूरा गणित
अब तक लाइन परिचारकों को 14,645 रुपए प्रतिमाह का फिक्स मानदेय मिल रहा था। नई व्यवस्था के तहत यह बढ़कर 19,366 रुपए प्रतिमाह हो गया है। यानी हर महीने सीधे 4,721 रुपए की बढ़ोतरी, जो कुल मिलाकर 33 प्रतिशत से ज्यादा है।
नई संरचना में —
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🔹 15,600 रुपए मूल मानदेय
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🔹 उस पर 5% मैदानी भत्ता
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🔹 अनुभव के आधार पर विशेष भत्ता (4 स्लैब में)
अनुभव की गणना पहली नियुक्ति की ज्वाइनिंग डेट से की जाएगी।
⛽ अब पेट्रोल भत्ता भी मिलेगा, फील्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत
सबसे चौंकाने वाली और राहत भरी बात यह है कि लाइन परिचारकों को अब पहली बार 800 रुपए प्रतिमाह पेट्रोल भत्ता भी मिलेगा। फील्ड में दिनभर अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह फैसला किसी राहत से कम नहीं है। इससे उनके आवागमन खर्च में सीधी बचत होगी।
📅 कब से लागू होगी नई व्यवस्था?
यह नई मानदेय और सुविधा व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से लागू होगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को EPF और ESIC के तहत अंशदान का लाभ भी मिलेगा, जिसमें कंपनी का योगदान भी नियमानुसार शामिल होगा।
👥 कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
इस फैसले का ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, दोनों के संविदा लाइन परिचारकों को समान रूप से लाभ मिलेगा। कर्मचारी संगठनों ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक जिम्मेदारी व समर्पण के साथ काम कर पाएंगे।


