छत्तीसगढ़

CG Nikay Chunav 2026: निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव! मैदान में उतारे पर्यवेक्षक, जानिए किस नेता को मिली कौन-सी जिम्मेदारी

नगर निगम से लेकर नगर पंचायत तक संगठन ने तय किए प्रभारी; सभी पर्यवेक्षकों को तत्काल क्षेत्र में पहुंचकर चुनावी तैयारियां संभालने के निर्देश

रायपुर: छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करते हुए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है।

पार्टी ने सभी नियुक्त पर्यवेक्षकों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में पहुंचकर चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने की तैयारी में है।

नगर निगम में किसे मिली जिम्मेदारी?

कांग्रेस ने चार नगर निगम क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।

  • बीरगांव: पर्यवेक्षक – डॉ. शिवकुमार डहरिया | सह-पर्यवेक्षक – मोतीलाल देवांगन और लेखराम साहू
  • भिलाई: पर्यवेक्षक – धनेंद्र साहू | सह-पर्यवेक्षक – दीपक दुबे
  • रिसाली: पर्यवेक्षक – मोहन मरकाम | सह-पर्यवेक्षक – कन्हैया अग्रवाल
  • भिलाई चरोदा: पर्यवेक्षक – विकास उपाध्याय | सह-पर्यवेक्षक – राजेन्द्र साहू

इन नेताओं को संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

नगर पालिकाओं में इन नेताओं को बनाया गया पर्यवेक्षक

नगर पालिका क्षेत्रों के लिए भी कांग्रेस ने अलग-अलग नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है।

  • बैकुंठपुर: राजेन्द्र सिंह
  • शिवपुर चरचा: प्रशांत मिश्रा
  • सारंगढ़: चातुरी नंद
  • जामुल: प्रमोद दुबे
  • खैरागढ़: छन्नी साहू

पर्यवेक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन की स्थिति का जायजा लेने और चुनावी तैयारियों को गति देने की जिम्मेदारी दी गई है।

नगर पंचायतों में भी तैनात किए गए पर्यवेक्षक

नगर पंचायत स्तर पर भी कांग्रेस ने नेताओं को जिम्मेदारी सौंप दी है।

  • प्रेमनगर: भानुप्रताप सिंह
  • मारो: सुनील महेश्वरी
  • नरहरपुर: आनंद पवार
  • कोन्टा: अवधेश गौतम
  • भैरमगढ़: रेखचंद जैन
  • भोपालपटनम: सततार अली

चुनाव से पहले संगठन को एक्टिव करने की तैयारी

निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से की गई इन नियुक्तियों को संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करेंगे और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।

अब देखना होगा कि कांग्रेस की यह चुनावी रणनीति निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को कितना मजबूत करती है और स्थानीय स्तर पर संगठन को इसका कितना फायदा मिलता है।

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