छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल, महिलाओं को मिल रहे 5 हजार रुपये

त्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार लगातार राज्य के लोगों के लिए काम कर रही है। इसके लिए राज्य सरकार अलग-अलग योजनाएं चलाती हैं, ताकि जनता को हर तरह की सुविधा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार का मकसद है राज्य की महिलाओं को उनका हक और सम्मान समान रूप से मिल पाए।

इसलिए राज्य सरकार खासकर ग्रामीण महिलाओं से जुड़ी कई स्कीम चलाती हैं। इसी में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आती है, जिसके अंर्तगत 5000 रुपए महिलाओं को मिलते हैं।

प्रमिला चौधरी को मिला योजना का लाभ

इस योजना से जिला नारायणपुर के ग्राम डोंगरीपारा, पंचायत ओरछा निवासी प्रमिला चौधरी ने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और संकल्प के साथ आत्मनिर्भर बनने का जो प्रयास किया। वह आज अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। पति के अचानक मरने के बाद तीन बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और जीविका को फिर से चलाने के लिए मनिहारी सामान की एक छोटी सी दुकान शुरू की।

पहले कितनी थी इनकम

प्रमिला की शुरू में आय सीमित थी और उनका व्यवसाय साप्ताहिक बाजार पर ही निर्भर था। इसी बीच छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें हर महीने 1000 रूपए की नियमित सहायता राशि मिलने लगी। प्रमिला चौधरी ने इस आर्थिक सहयोग को आत्मनिर्भरता का आधार बनाते हुए अपने काम को बढ़ाया। उन्होंने अपनी दुकान में ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बिंदी, चूड़ियां, घरेलू उपयोग की सामग्री आदि वस्तुएं शामिल कीं, जिससे उनकी दुकान ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बन गई।

परिवार को मिला सहारा

प्रमिला चौधरी ओरछा के साप्ताहिक बाजार के साथ-साथ पास के छोटेडोंगर बाजार में भी दुकान लगाती हैं। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है और वे न केवल अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं, बल्कि अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन भी दे रही हैं।

प्रमिला चौधरी ने छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने उनके जैसे कई जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण दी है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें स्वाभिमान और सम्मान के साथ जीवन जीने की दिशा भी दे रही है।

कैसे दी जाती है राशि

इस योजना के तहत महिलाओं को दो किस्तों में राशि मिलती है। पहली किस्त में 3000 रूपए दिए जाते हैं और दूसरी किस्त में 2000 रूपए की राशि दी जाती है। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक 20 हजार से अधिक महिलाओं को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।

महासमुंद की इमली भाठा में रहने वाले गायत्री देवांगन ऐसी ही एक महिला हैं। उनके पति एक वेल्डर हैं। धर में सीमित आय होने पर जब उन्हें इस योजना के तहत 5000 रूपए की राशि मिली, तो उन्होंने इस राशि का इस्तेमाल अपने अच्छे स्वास्थ्य और पोषण पर किया। इसका फायदा उन्हें नन्हे बच्चे के पोषण में मिला।

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