यहां बच्चे सिर्फ पढ़ाई नहीं, चला रहे हैं अपना कारोबार! PM श्री स्कूल का ‘स्टूडेंट स्टोर’ बना मिसाल, मंत्री भी हुए मुरीद
बच्चों ने संभाली दुकान की कमान, खुद किया बिक्री और अकाउंटिंग का हिसाब; मंत्री टंक राम वर्मा बोले- ऐसी गतिविधियां तैयार करेंगी भविष्य के आत्मनिर्भर युवा

रायपुर, 8 सितंबर 2026: स्कूल में पढ़ाई के दौरान अगर बच्चे किताबों से बाहर निकलकर व्यवसाय चलाना, हिसाब-किताब करना और ग्राहकों से व्यवहार करना सीखें तो यह किसी प्रयोग से कम नहीं। छत्तीसगढ़ के पीएम श्री शासकीय विद्यालय, तिल्दा में विद्यार्थियों का ऐसा ही अनोखा प्रयोग सामने आया है, जहां बच्चों ने मिलकर ‘स्टूडेंट स्टोर’ शुरू किया है।
शिक्षक सम्मान समारोह के अवसर पर राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों द्वारा संचालित स्टूडेंट स्टोर की गतिविधियों का अवलोकन किया। बच्चों ने उन्हें स्टोर के संचालन से लेकर बिक्री और लेखा-जोखा तक की पूरी प्रक्रिया समझाई।
बच्चों ने खुद संभाली कारोबार की कमान
स्टूडेंट स्टोर में विद्यार्थी सिर्फ सामान बेचते नजर नहीं आए, बल्कि उन्होंने व्यवसाय संचालन, वस्तुओं की बिक्री, वित्तीय लेखा-जोखा और ग्राहक व्यवहार जैसे कई व्यावहारिक कौशलों का प्रदर्शन किया।
मंत्री ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव जाने और उनके आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच तथा कार्यकुशलता की सराहना की।
इस पहल की खास बात यही है कि विद्यार्थी यहां सिर्फ ग्राहक या दर्शक नहीं, बल्कि व्यवसाय की पूरी प्रक्रिया को समझने वाले प्रतिभागी हैं।
मंत्री बोले- किताबों से आगे की शिक्षा जरूरी
स्टूडेंट स्टोर की गतिविधियों को देखकर मंत्री टंक राम वर्मा ने इसे 21वीं सदी की शिक्षा व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में उद्यमिता, नेतृत्व क्षमता, आत्मनिर्भरता और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने में मददगार साबित होंगी।
मंत्री ने विद्यालय में पारंपरिक पढ़ाई के साथ बच्चों को व्यावसायिक और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने के प्रयास को अनुकरणीय बताया।
PM श्री स्कूलों में पढ़ाई के साथ अब ‘स्किल’ पर भी जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 की भावना के अनुरूप पीएम श्री शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके तहत बच्चों को व्यावहारिक, तकनीकी और जीवनोपयोगी कौशल से जोड़ने के लिए विभिन्न नवाचार कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इनका उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाना, उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।
स्टूडेंट स्टोर ने दिखाया बच्चों का आत्मविश्वास
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथियों के सामने स्टूडेंट स्टोर की गतिविधियों को पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया।
बच्चों के इस प्रयोग को देखकर मंत्री ने इसके मार्गदर्शन में जुटे व्याख्याता और प्राचार्य के प्रयासों की भी सराहना की।
स्कूल की दुकान… लेकिन सीख कारोबार की
तिल्दा के इस स्टूडेंट स्टोर की सबसे खास बात यही है कि यहां दुकान भले ही स्कूल के भीतर है, लेकिन बच्चों को मिलने वाला अनुभव कक्षा की चारदीवारी से कहीं बाहर है।
सामान बेचना, ग्राहक से संवाद करना, पैसों का हिसाब रखना और जिम्मेदारी के साथ काम करना—ये ऐसी चीजें हैं, जिन्हें विद्यार्थी किताबों में पढ़ने के बजाय यहां खुद करके सीख रहे हैं।
कार्यक्रम में शिक्षा आयोग के अध्यक्ष सुधीर गौतम, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अगर ऐसे प्रयोग लगातार आगे बढ़े, तो स्कूल की पढ़ाई पूरी करने वाले बच्चे सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि भविष्य में रोजगार पैदा करने वाले युवा भी बन सकते हैं।



