छत्तीसगढ़

CM साय के निवास पर गूंजे PM मोदी के संदेश! ‘मन की बात’ में AI और धान पर बड़ा विज़न, क्या बदलने वाला है छत्तीसगढ़?

131वें एपिसोड ने दी तकनीकी क्रांति और कृषि समृद्धि की नई दिशा

रायपुर। राजधानी में आज मुख्यमंत्री निवास का माहौल कुछ अलग था। जब देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के चर्चित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 131वां एपिसोड सामूहिक रूप से सुना गया, तो मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के बीच नई ऊर्जा का संचार होता दिखा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai स्वयं उपस्थित रहे और प्रधानमंत्री के विचारों को “प्रेरणादायी और दूरदर्शी” बताया।

AI पर बड़ा संकेत—क्या आने वाला है तकनीकी बदलाव?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भविष्य की विकासधारा का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नवाचार, स्टार्टअप और डिजिटल सशक्तिकरण को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताते हुए उन्होंने युवाओं को तकनीक के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भी इस विज़न के अनुरूप डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के जरिए नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग में AI के उपयोग से बड़ा परिवर्तन संभव है—और इसकी तैयारी राज्य ने शुरू कर दी है।

धान की 500+ किस्में… और छत्तीसगढ़ की अहम भूमिका

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि देश में धान की 500 से अधिक किस्मों की पैदावार हो रही है और भारत विश्व का सबसे बड़ा धान उत्पादक बन चुका है। इस उपलब्धि को किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के अनुसंधान और प्रभावी नीतियों का परिणाम बताया गया।

इस संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “धान का कटोरा” कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य के अन्नदाताओं की मेहनत और कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों से उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है।

आत्मनिर्भर भारत का संदेश

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ का यह एपिसोड तकनीकी सशक्तिकरण और कृषि समृद्धि की दिशा में देश के बढ़ते कदमों का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं और किसानों से प्रधानमंत्री के संदेशों को आत्मसात कर विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

राजधानी में हुए इस सामूहिक श्रवण ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में तकनीक और खेती—दोनों मोर्चों पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सवाल अब यह है कि AI और कृषि नवाचार का यह विज़न जमीन पर कितनी तेजी से उतरता है?

 

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