CM विष्णु देव साय ने संत बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में की शिरकत
गोदड़ीवाला धाम में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना, संतों के आशीर्वाद को बताया छत्तीसगढ़ की धरोहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया। मुख्यमंत्री ने संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा –
“यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और हर घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”
मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में उपस्थित देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।
उन्होंने धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव बताया।
संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की पावन धरा को माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल बताया। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की धरती पर बिताए, इसलिए प्रदेशवासी उन्हें अपना भांजा मानते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने हेतु ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।



