5 साल पुराने मजदूर मौत मामले में आया बड़ा फैसला! नर्सिंग होम संचालक डॉक्टर को 6 महीने की जेल
निर्माणाधीन भवन की छत ढलाई के दौरान मलबा गिरने से महिला मजदूर की हुई थी मौत, कोर्ट ने सुनाया फैसला

राजनांदगांव। करीब पांच साल पुराने महिला मजदूर की मौत के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। तुलसी नर्सिंग होम के निर्माणाधीन भवन में हुए हादसे में महिला मजदूर की मौत के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नर्सिंग होम संचालक डॉ. अमोलक जैन को 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, सह-आरोपी डॉ. विजयाश्री जैन को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दोषमुक्त कर दिया गया।
छत ढलाई के दौरान हुआ था दर्दनाक हादसा
लोक अभियोजक अरुण गुप्ता के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2020 की है। शहर के वीआईपी रोड स्थित तुलसी नर्सिंग होम के निर्माणाधीन भवन में छत ढलाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कथित लापरवाही के कारण छत से भारी मलबा नीचे गिर गया।
हादसे में 51 वर्षीय महिला मजदूर ज्योति साहू मलबे में दब गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में कई अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
लापरवाही का मामला दर्ज हुआ था
घटना के बाद बसंतपुर पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक डॉ. अमोलक जैन और डॉ. विजयाश्री जैन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304-ए (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) के तहत मामला दर्ज किया था।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) विजय कुमार साहू की अदालत में हुई। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने डॉ. अमोलक जैन को हादसे के लिए जिम्मेदार मानते हुए 6 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
हालांकि, अदालत ने डॉ. विजयाश्री जैन के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें आरोपों से बरी कर दिया।

