छत्तीसगढ़ में आसमान से बरसी मौत! खेतों में काम कर रहीं महिलाओं पर गिरी बिजली, 3 की दर्दनाक मौत, कई झुलसे
मौसम बदलते ही बढ़ा खतरा, दंतेवाड़ा में 12 ग्रामीण भी आए आकाशीय बिजली की चपेट में; अगले 24 घंटे अहम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलते ही आकाशीय बिजली कहर बनकर टूट पड़ी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बिजली गिरने की घटनाओं में तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। इस बीच मौसम विभाग ने भी प्रदेशभर में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की चेतावनी जारी की है।
जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान हुई बिजली गिरने की घटनाओं में तीन महिलाओं ने अपनी जान गंवा दी। वहीं दंतेवाड़ा जिले में 12 ग्रामीण आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। बीजापुर और मनेंद्रगढ़ क्षेत्रों में भी काम के दौरान महिलाएं बिजली गिरने से प्रभावित हुईं। इन घटनाओं के बाद प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल देखा गया।
मौसम विभाग के अनुसार 4 जून से पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में बारिश की भी संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। वहीं प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश भी हुई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली।
हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बीते 24 घंटे में राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों और खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि आने वाले दिनों में आकाशीय बिजली की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।




