लाल किला ब्लास्ट का साया फिर गहराया! आरोपी की याचिका पर हाई कोर्ट सख्त, NIA को नोटिस
दिल्ली धमाके के मुख्य आरोपी ने बढ़ाई कानूनी लड़ाई, जांच अवधि और जमानत खारिज होने को दी चुनौती, 23 जुलाई को अगली सुनवाई

नई दिल्ली। राजधानी को दहला देने वाले लाल किला ब्लास्ट मामले में एक बार फिर बड़ा न्यायिक घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आरोपी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी को नोटिस जारी किया है, जिससे मामले ने फिर गंभीर मोड़ ले लिया है।
आरोपी जसीर बिलाल वानी ने फरवरी 2026 में विशेष एनआईए अदालत द्वारा जांच अवधि को 90 दिनों से आगे बढ़ाने के फैसले को चुनौती दी है। इसके साथ ही उसने अपनी जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश के खिलाफ भी उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट स्थित विशेष एनआईए अदालत उसकी जमानत याचिका को खारिज कर चुकी है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में NIA से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है। अदालत के इस रुख से साफ है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 की रात लाल किला के पास हुए भीषण कार विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया था। इस हमले में 15 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, विस्फोट एक कार में हुआ, जिसमें डॉ. उमर उर नबी मौजूद था और उसे आत्मघाती हमलावर बताया गया है।
इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा सात आरोपियों—आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, डॉ. मुजमिल शकील गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और शोएब—के खिलाफ जांच जारी है। अदालत ने इन सभी की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी है।
NIA ने अदालत में दलील दी थी कि मामला बेहद गंभीर और जटिल है, जिसमें वित्तीय लेन-देन, डिजिटल सबूतों और बड़े नेटवर्क की जांच शामिल है। इसी आधार पर एजेंसी ने UAPA और BNSS के तहत जांच अवधि को 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिनों तक करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूरी दी थी।
अब हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई के बाद यह देखना अहम होगा कि आरोपी को राहत मिलती है या जांच एजेंसी की कार्रवाई को ही मजबूती मिलती है। यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील बना हुआ है।




