Delhi Election 2025: दिल्ली की इन 8 रोमांचक सीटों पर है दिलचस्प मुकाबला, किसके सिर सजेगा ताज ?

नई दिल्ली। Delhi Election 2025: देश की राजधानी दिल्ली में बीती 5 फरवरी को सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हो चुका है। वहीं अब कल 8 फरवरी, शनिवार को नतीजे घोषित होने पर 699 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
इस बीच राजधानी में कुछ ऐसी रोमांचक सीटें हैं जिन पर सबकी नजर है क्योंकि ये सीटें चुनाव का पूरा समीकरण बदलकर रख सकती हैं। इन सीटों पर चुनाव लड़ने वाले चेहरे भी काफी फेमस हैं। वहीं अगर पार्टियों की बात करें तो आप ने जहां लगातार तीसरी बार जीतने के लिए हर संभव प्रयास किया, वहीं भाजपा ने भी अपने 27 साल के सूखे को खत्म करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। वहीं कांग्रेस वापसी की उम्मीद कर रही है। आइए चुनाव परिणाम से पहले यहां जानें प्रमुख उम्मीदवारों और उनकी सीटों की सूची के बारे में…

रोहिणी
रोहिणी सीट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस सीट पर आप और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। ठीक वैसे ही जैसे 2015 और 2013 के चुनावों में थी। इस सीट पर भाजपा के दो बार विजेता विजेंद्र गुप्ता का मुकाबला आप के प्रदीप मित्तल से होगा। वहीं कांग्रेस ने सुमेश गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया है।
मालवीय नगर
स्थानीय आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सोमनाथ भारती एक बार फिर इस सीट से चुनाव लड़े हैं। इससे पहले वे लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं और 2020 में 50% से अधिक वोट उनके पक्ष में थे। इस सीट पर चुनाव लड़ रहे अन्य उम्मीदवारों में भाजपा की तरफ से सतीश उपाध्याय और कांग्रेस के जितेंद्र कुमार कोचर शामिल हैं।
बल्लीमारान
इस सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार सबसे ज्यादा हैं क्योंकि यहां मुस्लिम आबादी काफी ज्यादा है। आप ने एक बार फिर इमरान हुसैन को उम्मीदवार बनाया है जो मुस्लिम चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं और मौजूदा मंत्री हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने दिग्गज नेता हारून यूसुफ पर तो भाजपा ने कमल बागड़ी पर भरोसा जताया है।
शकुर बस्ती
शकुर बस्ती विधानसभा सीट भी काफी रोमांचक सीट मानी जा रही है। इस सीट पर तीन बार से लगातार आप का कब्जा है। शकूर बस्ती पर भाजपा ने अपने दिल्ली मंदिर प्रकोष्ठ प्रमुख करनैल सिंह को शकूर बस्ती से उम्मीदवार बनाया है। वहीं आप ने सत्येंद्र जैन को इस सीट से उतारा है जबकि कांग्रेस ने सतीश लूथरा को उतारा है।
पटपड़गंज
इस सीट पर भी सबकी नजर है क्योंकि आप पार्टी ने इस साल पिछले तीन बार से इस सीट के विजेता मनीष सिसोदिया को हटाकर एक नए उम्मीदवार अवध ओझा को उतारा है। अवध ओझाा शिक्षक और राजनीतिज्ञ हैं। जहां भाजपा ने रविंदर सिंह नेगी को अपना उम्मीदवार बनाया तो वहीं कांग्रेस ने अनिल चौधरी को उम्मीदवार बनाया है।
कालकाजी
इस सीट पर आप कांग्रेस और भाजपा एक दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं, इसलिए यह तीनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में, आप और कांग्रेस दोनों ने महिला उम्मीदवारों को नामित किया, जो पहली बार हुआ है। यहां आप की नेता आतिशी मार्लेना ने कांग्रेस की अलका लांबा और भाजपा के रमेश बिधूड़ी के खिलाफ चुनाव लड़ा है।
जंगपुरा
जंगपुरा सीट का मुकाबला भी कांटे की टक्कर का है। आप ने इस साल जहां इस सीट पर दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा ने सिसोदिया को टक्कर देने के लिए अनुभवी तरविंदर सिंह मारवाह को मैदान में उतारा है। जबकि कांग्रेस ने फरहाद सूरी को मैदान में उतारकर मजबूती से चुनाव लड़ा है।
ओखला
ओखला में आप, कांग्रेस और बीजेपी के साथ-साथ ओवैसी की AIMIM पार्टी भी जंग में शामिल है। यहां पिछले तीन चुनाव से आप और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर रही है। लगातार तीसरी बार आप के अमानतुल्लाह खान इस सीट से चुनाव लड़ें हैं। वहीं कांग्रेस ने आप के अरीबा खान को तो AIMIM ने शिफा उर रहमान खान को उतारा है।


