Delhi Election Campaign: दिल्ली विधानसभा चुनाव: पीएम मोदी आज द्वारका में जनसभा को करेंगे संबोधित

Delhi Assembly Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल पूरी ताकत से मैदान में उतर चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच एक कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है.
दोनों पार्टियां चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार जनसभाएं और रोड शो आयोजित कर रही हैं. भाजपा के नेताओं की सक्रियता के बीच आम आदमी पार्टी भी अपनी ताकत लगा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पहले ही बिगुल फूंक चुके हैं. वे शुक्रवार (31 जनवरी, 2025) को पीएम मोदी दिल्ली के द्वारका में एक बड़ी रैली करेंगे. इससे पहले उन्होंने 29 जनवरी को भी जनसभा को संबोधित किया था. प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी अरविंद केजरीवाल की सरकार के कामकाज पर निशाना साधा है और आगामी जनसभा में भी वह जनता से दिल्ली के भविष्य के लिए भाजपा को समर्थन देने की अपील करेंगे.
भाजपा के मुख्यमंत्री भी प्रचार में जुटे
दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार में भाजपा के मुख्यमंत्री भी सक्रिय रूप से शामिल हो रहे हैं. शुक्रवार (31 जनवरी) को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली में पांच जनसभाओं को संबोधित करेंगे. वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी दो जनसभाओं में भाग लेंगे. भाजपा के इन नेताओं का मकसद दिल्ली के मतदाताओं से सीधे संवाद करना और चुनाव में अपनी पार्टी का समर्थन जुटाना है.
भाजपा के अन्य नेता भी प्रचार में पूरी ताकत से जुटे
भाजपा के कई केंद्रीय मंत्री, उपमुख्यमंत्री और सांसद भी दिल्ली चुनाव प्रचार में हिस्सा ले रहे हैं. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली के चांदनी चौक, बादली और बुराड़ी में जनसभाएं करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रोहतास नगर में जनसभा को संबोधित करेंगे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, एसपी सिंह बघेल और भाजपा सांसद रवि किशन, अनुराग ठाकुर भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं करेंगे.
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की चुनौती
भाजपा का प्रयास दिल्ली चुनाव में हर रोज नए आक्रामक तरीके से अपनी स्थिति मजबूत करना है. वहीं, आम आदमी पार्टी भी अपनी मजबूत स्थिति को बनाए हुए हैं और भाजपा को कड़ी चुनौती दे रही है. दूसरी ओर कांग्रेस भी अपने वोट बैंक को फिर से हासिल करने के लिए पूरी कोशिश में लगी हुई है. दिल्ली के चुनावी दंगल में ये साफ दिखाई दे रहा है कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों ही अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए किसी भी कदम को पीछे नहीं छोड़ने वाली हैं.




