छत्तीसगढ़

बस्तर के युवाओं के लिए सरकार का बड़ा फैसला! वर्षों पुराने नक्सल मामलों पर अब होगी बड़ी कार्रवाई… विधानसभा में क्या हुआ?

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर के युवाओं और परिजनों से की मुलाकात, जनहानि रहित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा और पात्र लोगों को राहत देने का दिया भरोसा।

 


रायपुर।

छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रकरणों में जेल में बंद ऐसे लोगों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है, जिनके खिलाफ जनहानि से जुड़े गंभीर मामले दर्ज नहीं हैं। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में बस्तर क्षेत्र से आए जनप्रतिनिधियों, नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध लोगों के परिजनों, नक्सल पीड़ितों और युवाओं से मुलाकात कर मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रत्येक पात्र मामले की निष्पक्ष और विधिसम्मत समीक्षा कर जल्द राहत देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उनकी नियमित समीक्षा कर पात्र लोगों को जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 जुलाई को गृह विभाग, संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में नक्सल प्रकरणों के निराकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है। इसके तहत मामलों को दो श्रेणियों—जनहानि वाले और जनहानि रहित—प्रकरणों में विभाजित कर अलग-अलग रणनीति बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि जनहानि रहित मामलों की समीक्षा संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक प्रत्येक सप्ताह अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ करेंगे, ताकि योग्य लोगों को शीघ्र राहत मिल सके। वहीं जिन मामलों में जनहानि हुई है और न्यायालय में प्रकरण लंबित हैं, उनमें चालान, गवाही और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

विजय शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी आरोपी के परिजन अपने मामले की समीक्षा चाहते हैं तो वे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे सकते हैं। ऐसे आवेदनों की जांच अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम द्वारा विधिसम्मत तरीके से की जाएगी।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी हिंसा ने वर्षों तक बस्तर के विकास को प्रभावित किया, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने हाल ही में नक्सल प्रभावित किसकोड़ो गांव के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां के ग्रामीणों ने पहली बार खुद को वास्तविक आजादी का अनुभव होने की बात कही।

उन्होंने बस्तर के युवाओं से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने, प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। साथ ही बताया कि सरकार बस्तर के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रमाणन और विपणन की दिशा में भी कार्य कर रही है।

इस अवसर पर विधायक धरमलाल कौशिक, नीलकंठ टेकाम, विक्रम उसेंडी, कवासी लखमा, विक्रम मंडावी सहित बस्तर क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और युवा मौजूद रहे।

R.O. No. : 13910/ 226

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