Fake Traffic Challan Scam: एक SMS और बैंक अकाउंट पर खतरा! फर्जी ट्रैफिक चालान के नाम पर हो रही ठगी, ऐसे पहचानें Fake Challan

Fake Traffic Challan Scam: आजकल ट्रैफिक चालान की जानकारी मोबाइल पर मिलना आम बात है। लेकिन साइबर अपराधियों ने इसी सुविधा को ठगी का नया हथियार बना लिया है। लोगों के फोन पर फर्जी ट्रैफिक चालान का SMS भेजा जा रहा है और उसमें ऐसा लिंक दिया जाता है, जो पहली नजर में बिल्कुल सरकारी वेबसाइट जैसा दिखाई देता है।
जरा सी जल्दबाजी और एक गलत क्लिक आपको आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए अगर आपके मोबाइल पर गाड़ी के चालान से जुड़ा कोई मैसेज आता है, तो पेमेंट करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना बेहद जरूरी है।
सबसे पहले आता है चालान का फर्जी SMS
स्कैम की शुरुआत एक मैसेज से होती है। इसमें बताया जाता है कि आपकी गाड़ी का कोई चालान पेंडिंग है और तय समय के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने पर कार्रवाई हो सकती है।
मैसेज को भरोसेमंद बनाने के लिए ठग इसमें वाहन नंबर, चालान से जुड़ी जानकारी और सरकारी भाषा जैसी चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
लिंक पर क्लिक करने का बनाया जाता है दबाव
फर्जी SMS में एक लिंक दिया जाता है और जल्द से जल्द चालान भरने के लिए कहा जाता है।
यह लिंक देखने में सरकारी परिवहन वेबसाइट जैसा लग सकता है, लेकिन उसके URL में मामूली अंतर हो सकता है। कई मामलों में Shortened URL का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिससे असली वेबसाइट का पता छिप जाता है।
यही वह जगह है जहां सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
सरकारी वेबसाइट जैसी दिखती है नकली साइट
लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर ऐसी वेबसाइट पर पहुंच सकता है, जिसका डिजाइन बिल्कुल सरकारी पोर्टल जैसा बनाया गया होता है।
वेबसाइट पर सरकारी वेबसाइट जैसे रंग, फॉन्ट और लेआउट इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, नकली चालान नंबर, वाहन नंबर और ट्रैफिक नियम के उल्लंघन की जानकारी दिखाकर वेबसाइट को असली साबित करने की कोशिश की जा सकती है।
इसके बाद शुरू होता है असली खेल
फर्जी वेबसाइट पर चालान का भुगतान करने के नाम पर कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट और CVV जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जा सकती है।
कुछ मामलों में ठग OTP तक मांग सकते हैं। अगर यूजर जल्दबाजी में ये जानकारी दर्ज कर देता है तो उसकी बैंकिंग जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच सकती है।
इसके बाद ठग बैंक खाते या कार्ड से अनधिकृत ट्रांजैक्शन करने की कोशिश कर सकते हैं।
एक छोटी गलती से हो सकता है बड़ा नुकसान
साइबर अपराधी कई बार विदेशी मर्चेंट या अलग-अलग पेमेंट गेटवे के जरिए ट्रांजैक्शन करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में पैसे वापस पाना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक पर बैंकिंग या कार्ड की जानकारी बिल्कुल दर्ज न करें।
SMS भेजने वाले नंबर को देखकर भी पहचानें फ्रॉड
अगर चालान का मैसेज किसी सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से आया है, तो सावधान हो जाएं।
मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय खुद आधिकारिक माध्यम से चालान की जानकारी चेक करना ज्यादा सुरक्षित है।
सबसे जरूरी है वेबसाइट का डोमेन चेक करना
फर्जी चालान से बचने के लिए URL जरूर जांचें। सरकारी वेबसाइटों के डोमेन पर खास ध्यान दें।
असली e-Challan पोर्टल का पता है:
echallan.parivahan.gov.in
अगर SMS में दिया गया लिंक किसी संदिग्ध .com, .net, .online या दूसरे अनजान डोमेन पर ले जा रहा है, तो उस पर अपनी कोई निजी या बैंकिंग जानकारी दर्ज न करें।
फर्जी चालान से बचने के 5 आसान तरीके
- SMS में आए किसी भी अनजान लिंक पर तुरंत क्लिक न करें।
- चालान की जानकारी खुद आधिकारिक पोर्टल पर जाकर चेक करें।
- वेबसाइट का URL और डोमेन ध्यान से देखें।
- किसी को भी OTP, CVV, PIN या कार्ड की जानकारी न दें।
- चालान भरने से पहले वाहन नंबर और चालान की वास्तविक जानकारी जरूर मिलाएं।
याद रखें, साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार आपकी जल्दबाजी है। ट्रैफिक चालान का मैसेज आए तो घबराकर लिंक खोलने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करें। एक छोटी सी सावधानी आपके बैंक खाते को बड़े नुकसान से बचा सकती है।

