छत्तीसगढ़

गंगरेल डुबान क्षेत्र में खुशखबरी! 11 मछुआ समितियों को मिला मछली पालन का पुनः हक, ग्रामीणों में उत्साह की लहर

रायपुर में मुख्यमंत्री साय से मुलाकात कर प्रभावित मछुआ समितियों ने जताया आभार, जानिए कैसे सरकारी योजनाओं ने बदल दी उनकी जिंदगी।

रायपुर। गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ सहकारी समितियों को पुनः मछली पालन का अधिकार मिलने पर सदस्यों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए राजधानी में उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर धमतरी, कांकेर और बालोद जिलों से आए मछुआ समितियों के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने ग्रामीणों की मांगों पर कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि डुबान क्षेत्र में जनसुविधा हेतु एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी और राष्ट्रीय बैंक की शाखा शीघ्र खोली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार गरीब और वंचितों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ें और लोग सीधे लाभान्वित हों।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन, जनधन योजना और महिला स्व-सहायता समूहों के पुनः रेडी-टू-ईट कार्य जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीणों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से बेटियों और महिलाओं को सम्मान मिला है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा है।

इस अवसर पर धमतरी महापौर रामू रोहरा और पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष हर्षिता पांडेय भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में ग्राम उरपुरी, तेलगुड़ा, मोगरागहन, कोलियारी पुराना, कोलियारी नया, गंगरेल, फुटहामुड़ा, तुमाबुजुर्ग, अलोरी, भिलाई और देवीनवागांव की मछुआ समितियों के सदस्यगण बड़ी संख्या में मौजूद थे।

ग्रामीणों में खुशी की लहर है और सभी आशा कर रहे हैं कि मछली पालन की यह पहल उनके जीवन में स्थायी आर्थिक सुरक्षा और विकास लाएगी।

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