सरेंडर की भनक लगी और खत्म कर दिया…22 लाख के इनामी नक्सली कमांडर की ‘अपनों’ ने ही ली जान
जंगल में दफन मिला क्षत-विक्षत शव, संगठन के भीतर बढ़ती दरार के संकेत

छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। 22 लाख रुपये के इनामी माओवादी कमांडर अन्वेष उर्फ रेनू की कथित तौर पर उसके ही संगठन के सदस्यों ने हत्या कर दी। कारण—वह ओडिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहा था।
यह मामला ओडिशा के कंधमाल जिले के डारिंगबाड़ी थाना क्षेत्र के पाकरी आरक्षित वन का है, जहां पुलिस ने कब्र खोदकर उसका क्षत-विक्षत शव बरामद किया।
कौन था अन्वेष?
पुलिस के अनुसार, अन्वेष मूल रूप से सुकमा (छत्तीसगढ़) का निवासी था। वह केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन में संभागीय समिति सदस्य (डीवीसीएम) और सैन्य प्लाटून कमांडर के रूप में सक्रिय था। उस पर 22 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
संगठन ने क्यों लिया खून का फैसला?
कंधमाल के पुलिस अधीक्षक हरीश बीसी ने मीडिया को बताया कि पुष्टि हो चुकी है कि अन्वेष की हत्या राज्य के वांछित नक्सली नेता सुक्रू और उसके साथियों ने की।
बताया जा रहा है कि अन्वेष कुछ अन्य माओवादियों के साथ ओडिशा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था। इसकी सूचना संगठन को मिलते ही उसे रास्ते से हटा दिया गया।
क्या संगठन में बढ़ रहा अविश्वास?
लगातार दबाव और आत्मसमर्पण की बढ़ती घटनाओं के बीच यह हत्या कई सवाल खड़े कर रही है।
क्या नक्सली संगठन के भीतर डर और अविश्वास गहराता जा रहा है?
क्या आत्मसमर्पण की कोशिश करने वालों के लिए अब सबसे बड़ा खतरा खुद उनका संगठन बन गया है?
फिलहाल, पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच में जुटी है। यह घटना नक्सली संगठन के अंदर चल रहे उथल-पुथल की गंभीर तस्वीर पेश कर रही है।


