तीजन बाई के गांव पहुंचे राज्यपाल रमेन डेका, तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया बड़ा स्मरण
पंडवानी को दुनिया तक पहुंचाने वाली महान कलाकार को किया नमन, परिजनों से मुलाकात कर उनकी जरूरतों की भी ली जानकारी

दुर्ग/रायपुर, 09 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को श्रद्धांजलि देने राज्यपाल रमेन डेका उनके गृह ग्राम गनियारी पहुंचे। दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान राज्यपाल ने तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और लोक कला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
परिजनों से की आत्मीय मुलाकात
राज्यपाल रमेन डेका ने स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। इस दौरान उन्होंने परिवार से बातचीत करते हुए उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली और हरसंभव आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
पंडवानी को दिलाई वैश्विक पहचान
राज्यपाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी विशिष्ट कापालिक शैली और असाधारण प्रतिभा के दम पर पंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि तीजन बाई की कला-साधना, उनकी प्रतिभा और लोक संस्कृति के प्रति समर्पण हमेशा याद किया जाएगा। वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान की ऐसी गौरवशाली शख्सियत हैं, जिनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देता रहेगा।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रिकेश सेन, पद्मश्री पंडवानी गायिका उषा बारले, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।


