HIV Symptoms: कर्नाटक में HIV के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता, समय रहते पहचान और जांच क्यों है जरूरी?
NACO की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता, हजारों लोगों को अपनी HIV स्थिति का नहीं है पता; जानिए संक्रमण कैसे फैलता है और शुरुआती लक्षण क्या हैं

नई दिल्ली। देश में HIV संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (NACO) की Status of National AIDS and STD Response 2024 रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में करीब 2.60 लाख लोग HIV के साथ जीवन जी रहे हैं, जिससे यह राज्य देश में HIV के सबसे अधिक मामलों वाले राज्यों में शामिल है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से करीब 2.05 लाख लोग एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) ले रहे हैं, जबकि अनुमान है कि लगभग 54 हजार लोगों को यह भी पता नहीं है कि वे HIV से संक्रमित हैं।
18 से 35 साल के युवाओं में बढ़ रही चिंता
कर्नाटक स्टेट एड्स प्रिवेंशन सोसाइटी के आंकड़ों के अनुसार, 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग में HIV संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
वहीं, चिकित्सक डॉ. एडमंड फर्नान्डिस के अनुसार, राज्य में 7,000 से अधिक विद्यार्थी और 18 से 25 वर्ष के युवा HIV पॉजिटिव पाए गए हैं। इसी वजह से कई शैक्षणिक संस्थानों में HIV टेस्टिंग, स्क्रीनिंग और काउंसलिंग पर जोर दिया जा रहा है।
HIV क्या है?
एचआईवी (Human Immunodeficiency Virus) एक ऐसा वायरस है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) पर हमला करता है। यदि समय पर इलाज शुरू नहीं किया जाए तो यह आगे चलकर एड्स (AIDS – Acquired Immunodeficiency Syndrome) का कारण बन सकता है।
हालांकि, आज प्रभावी दवाओं की मदद से HIV से संक्रमित व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है, यदि समय पर जांच और उपचार शुरू हो जाए।
HIV कैसे फैलता है?
HIV मुख्य रूप से संक्रमित शारीरिक द्रवों के संपर्क से फैलता है। इसके प्रमुख कारण हैं:
- असुरक्षित यौन संबंध
- संक्रमित सुई या सिरिंज का उपयोग
- संक्रमित रक्त चढ़ाना
- गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान के दौरान मां से बच्चे में संक्रमण
इनसे HIV नहीं फैलता
- हाथ मिलाने से
- गले मिलने से
- साथ बैठने या खाना खाने से
- सामान्य सामाजिक संपर्क से
HIV के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
संक्रमण के 2 से 4 सप्ताह के भीतर कुछ लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
- लगातार बुखार
- ठंड लगना
- त्वचा पर लाल चकत्ते (रैशेज)
- रात में अत्यधिक पसीना आना
- मांसपेशियों में दर्द
- गले में खराश
- लिम्फ नोड्स (गांठों) में सूजन
- मुंह में छाले
- लगातार थकान
ध्यान दें: ये लक्षण केवल HIV के नहीं होते। कई सामान्य वायरल संक्रमणों में भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर निष्कर्ष न निकालें। यदि जोखिम की संभावना रही हो, तो डॉक्टर की सलाह लेकर HIV टेस्ट कराना ही सही तरीका है।
समय पर जांच क्यों जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार, HIV की समय पर पहचान होने पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से वायरस को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इससे:
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर बनी रहती है।
- व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है।
- दूसरों में संक्रमण फैलने का जोखिम भी काफी कम किया जा सकता है।
एड्स की उन्नत अवस्था में दिख सकते हैं ये संकेत
यदि HIV का इलाज लंबे समय तक न हो, तो यह एड्स में बदल सकता है। इस अवस्था में कुछ गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जैसे:
- बार-बार गंभीर संक्रमण होना
- तेजी से वजन घटना
- मुंह में सफेद परत (ओरल थ्रश)
- लंबे समय तक रहने वाले त्वचा संबंधी चकत्ते
- याददाश्त और एकाग्रता में कमी
- लगातार कमजोरी और थकान
यदि आपको HIV संक्रमण का जोखिम रहा है या ऐसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो स्वयं अनुमान लगाने के बजाय किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लें और अधिकृत केंद्र पर HIV जांच कराएं।


