छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुलने वाला है करोड़ों का नया दरवाजा! विदेशों में बढ़ी ऐसी मांग, अब बदल सकती है हजारों परिवारों की किस्मत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुगंधित चावल की बढ़ती डिमांड को देखते हुए सरकार ने बनाई बड़ी रणनीति, किसानों की आय बढ़ाने के लिए शुरू होगी नई पहल

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए जल्द ही कमाई का एक नया और बड़ा अवसर खुल सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुगंधित और बासमती चावल की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने बासमती धान की खेती के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। माना जा रहा है कि यह पहल आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने के साथ प्रदेश को वैश्विक चावल बाजार में नई पहचान दिला सकती है।

इसी उद्देश्य से कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ. संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ बासमती धान की खेती को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तेजी से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।

बैठक के दौरान सामान्य धान की खेती में फसल विविधीकरण तथा प्रदेश में बासमती धान का रकबा बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती और अन्य सुगंधित चावलों की यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विशेष मांग है। इन किस्मों को बेहतर कीमत मिलने के कारण किसानों को सामान्य धान की तुलना में अधिक लाभ मिल सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां की जलवायु और तापमान बासमती उत्पादन के लिए उपयुक्त हैं। चयनित इलाकों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक आर्थिक लाभ दिलाने की योजना तैयार की जाएगी।

बैठक में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने भी राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। फेडरेशन ने किसानों के लिए बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सुगंधित चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक एक समन्वित व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकेगा।

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