छत्तीसगढ़

गांव-गांव होगी तलाशी, खेतों पर प्रशासन की नजर… अवैध अफीम की खेती पर कलेक्टर-एसपी का सख्त एक्शन

ग्रामीण इलाकों में बढ़ी चौकसी, हर संदिग्ध फसल पर रहेगी नजर

जांजगीर-चांपा जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने राज्य शासन के निर्देशों के तहत अवैध अफीम और गांजा की संभावित खेती पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संयुक्त सर्वे अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पटवारी, पंचायत सचिव, कोटवार और नगर निकायों की टीम मिलकर काम करेगी।

प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए राजस्व, पुलिस, वन विभाग के साथ कृषि, उद्यानिकी और रेशम विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से नदी किनारे और वन क्षेत्रों से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ाने को कहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में अवैध खेती की संभावना अधिक रहती है।

गांव-गांव जाकर खेतों का निरीक्षण करने और संदिग्ध फसलों की पहचान करने की जिम्मेदारी स्थानीय अमले को दी गई है। यदि कहीं भी अवैध अफीम या गांजा की खेती पाई जाती है तो संबंधित क्षेत्र के पटवारी और ग्राम सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और रिपोर्ट तुरंत जिला प्रशासन तथा पुलिस को सौंपी जाएगी।

इस बैठक में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही, जहां सभी को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को पूरी गंभीरता और सख्ती के साथ लागू किया जाए, ताकि जिले में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

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