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कुरुक्षेत्र में लहराया 108 फुट ऊंचा तिरंगा, सांसद नवीन जिन्दल ने दिया युवाओं को बड़ा संदेश

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में भव्य आयोजन, 7 हजार से ज्यादा बच्चों ने लिया ‘माई भारत क्विज’ में हिस्सा

कुरुक्षेत्र, 14 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में देशभक्ति का भव्य नजारा देखने को मिला। कुरुक्षेत्र से लोकसभा सांसद और फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नवीन जिन्दल ने विश्वविद्यालय परिसर में 108 फुट ऊंचा विशाल राष्ट्रीय ध्वज फहराया। यह आयोजन फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के ‘माई भारत क्विज’ के समापन समारोह के अवसर पर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव लेफ्टिनेंट डॉ. वीरेंद्र पाल, प्राध्यापक, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना मजबूत करेगा तिरंगा

कुरुक्षेत्र की पावन धरती को नमन करते हुए नवीन जिन्दल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कर्मभूमि पर फहराया गया विशाल तिरंगा युवाओं में ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ की भावना को मजबूत करने के साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेगा।

उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की शिक्षा, शोध और खेल के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना की और विश्वविद्यालय को NAAC A++ मान्यता मिलने पर बधाई दी।

अमेरिका में मिली प्रेरणा, फिर शुरू हुआ तिरंगा अभियान

नवीन जिन्दल ने अपने तिरंगा अभियान की शुरुआत से जुड़ी कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन्होंने लोगों को अपने राष्ट्रीय ध्वज को गर्व के साथ फहराते हुए देखा। इसी अनुभव से उन्हें भारत में भी प्रतिदिन तिरंगा फहराने की प्रेरणा मिली।

रायगढ़ स्थित उनकी फैक्टरी में नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने को लेकर प्रशासनिक आपत्तियां सामने आईं। इसके बाद उन्होंने करीब 10 वर्षों तक कानूनी लड़ाई लड़ी।

इस संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम 23 जनवरी 2004 को सामने आया, जब सर्वोच्च न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत सम्मान और गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार को मौलिक अधिकार माना।

नवीन जिन्दल ने कहा कि आज तिरंगा हर भारतीय का है और यह देश के गौरव, एकता और राष्ट्र के प्रति प्रेम का प्रतीक है।

देशभर में लगाए जा चुके हैं 220 से ज्यादा विशाल ध्वज

नवीन जिन्दल ने बताया कि उनके और फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष शालू जिन्दल के प्रयासों से देशभर में 220 से अधिक विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किए जा चुके हैं।

इस अभियान की शुरुआत फरवरी 2009 में कैथल से हुई थी, जहां देश का पहला 207 फुट ऊंचा विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया था। इसके बाद देश के कई हिस्सों में लोगों ने इस पहल से प्रेरणा ली और आज 700 से अधिक विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किए जा चुके हैं।

23 जनवरी को राष्ट्रीय ध्वज दिवस बनाने की मांग

नवीन जिन्दल ने 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और पराक्रम दिवस के साथ राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में मनाने की अपनी मांग दोहराई।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की सराहना करते हुए ‘हर घर तिरंगा–हर दिन तिरंगा’ के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

7 हजार से ज्यादा बच्चों ने लिया ‘माई भारत क्विज’ में हिस्सा

कार्यक्रम में ‘माई भारत क्विज’ को लेकर भी खास उत्साह देखने को मिला। नवीन जिन्दल के अनुसार, कुरुक्षेत्र के 7,000 से अधिक बच्चों ने क्विज में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर तीन विजेताओं को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि क्विज के जरिए बच्चों को देश के गौरवशाली इतिहास, भारतीय सशस्त्र सेनाओं के शौर्य और तिरंगे के महत्व को जानने का अवसर मिला।

पुराने तिरंगे को कचरे में न फेंकने की अपील

नवीन जिन्दल ने नागरिकों से अपील की कि पुराने या क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज को कचरे में न फेंकें। उन्होंने ऐसे तिरंगों को सम्मानजनक रीसाइक्लिंग या उचित निस्तारण के लिए फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया को सौंपने की अपील की।

उन्होंने कहा कि तिरंगा सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्र का गौरव, स्वाभिमान और पहचान है। इसे सम्मान के साथ फहराना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि खराब हो चुके तिरंगे को भी पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाए।

युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान

कार्यक्रम के अंत में नवीन जिन्दल ने छात्रों से तिरंगे को सिर्फ एक राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि दैनिक प्रेरणा के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने युवाओं से अपने हर कार्य में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 108 फुट ऊंचे तिरंगे का फहराया जाना न सिर्फ समारोह का आकर्षण बना, बल्कि युवाओं के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन भी रहा।

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