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Kedarnath Chopper Crash: केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे में 7 लोगों की मौत, क्या है दुर्घटना के पीछे कारण?

Kedarnath chopper crash: रविवार सुबह उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना सुबह लगभग 5:20 बजे तब हुई जब हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के पास से गुजर रहा था।

पुलिस, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं , इस भयंकर त्रासदी पर सीएम धामी ने भी गहरा शोक जताया है।

अभी इस हादसे के पीछे कारण खराब मौसम बताया जा रहा है, रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि ‘खराब मौसम के कारण दृश्यता कम होने के कारण गौरीकुंड के जंगलों में यह दुर्घटना हुई है।’

बचाव दल राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं

महानिरीक्षक (गढ़वाल रेंज) राजीव स्वरूप ने कहा कि ‘दुर्घटना स्थल बहुत ही दुर्गम क्षेत्र है हालांकि हेलीकॉप्टर दुर्घटना का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।’

बचाव दल राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार सुबह राज्य के गौरीकुंड के सुदूर इलाके में हुए हेलीकॉप्टर हादसे पर दुख जताया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सीएम ने लिखा कि ‘राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के जवान, स्थानीय प्रशासन और अन्य बचाव दल राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं।’

‘एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं’

एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं, घटनास्थल दुर्गम वन क्षेत्र में होने के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं (Kedarnath chopper crash)

उत्तराखंड हेलीकॉप्टर हाल ही में राज्य में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर संचालन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएम धामी ने कहा कि ‘राज्य में हेली सेवाओं के संचालन के लिए एक सख्त एसओपी तैयार की जाए, जिसमें उड़ान से पहले हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति की पूरी जांच और मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य किया जाए।’

तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश

सीएम धामी ने मुख्य सचिव को तकनीकी विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो हेली संचालन के सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहन समीक्षा के बाद एसओपी तैयार करेगी। यह समिति यह सुनिश्चित करेगी कि हेली सेवाओं का संचालन पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुसार हो।

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