छत्तीसगढ़

कोरबा: पुलिस पर गंभीर आरोप के बाद मचा बवाल! बारिश में पानी टंकी पर चढ़ा युवक, बोला- इंसाफ नहीं मिला तो दे दूंगा जान

थाना प्रभारी पर मारपीट और रुपये लेने का आरोप, युवक के टंकी पर चढ़ते ही गांव में हड़कंप; पुलिस ने आरोपों को बताया निराधार

कोरबा। हरदीबाजार थाना क्षेत्र के ग्राम नेवसा में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक गांव की ऊंची पानी टंकी पर चढ़ गया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। युवक का आरोप है कि पुलिस द्वारा उसके साथ मारपीट की गई और रुपये भी लिए गए, लेकिन उसे कहीं से न्याय नहीं मिला। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार ग्राम नेवसा निवासी रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर ने हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों युवकों का कहना है कि मंगलवार को उन्हें ग्राम सिरली के पास से पकड़कर थाने लाया गया, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उनका यह भी आरोप है कि उनसे 23 हजार 500 रुपये जबरन ले लिए गए।

इन्हीं आरोपों और कथित पुलिस कार्रवाई से नाराज रफीक मोहम्मद गुरुवार सुबह गांव की पानी टंकी पर चढ़ गया। लगातार हो रही बारिश के बावजूद वह नीचे उतरने को तैयार नहीं था। टंकी के ऊपर से वह न्याय की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाता रहा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए गए।

युवक के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लोगों को घरों से उठाकर थाने ले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों ने अनवर अली नामक युवक का भी मामला उठाया। परिजनों के अनुसार वह पिछले चार दिनों से घर नहीं लौटा है, जिससे परिवार में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ जुए से संबंधित शिकायत भी हो, तब भी उसके साथ कथित रूप से लाठी और बेल्ट से मारपीट करना उचित नहीं माना जा सकता।

वहीं, मामले में हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि रफीक मोहम्मद और दीपेश निर्मलकर क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित करने की गतिविधियों में शामिल थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें पकड़कर धारा 151 के तहत वैधानिक कार्रवाई की थी। थाना प्रभारी ने कहा कि मारपीट और रुपये लेने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं तथा पुलिस ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है।

फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। एक ओर युवक और ग्रामीण पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं पुलिस इन आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई है।

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