छत्तीसगढ़

बिलासपुर: केंदा घाटी में मौत का मंजर! कोयले से लदा ट्रेलर पलटा, मलबे में दबे चालक-हेल्पर की दर्दनाक अंत

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की खतरनाक केंदा घाटी एक बार फिर खून से लाल हो गई। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे कोयले से लदा एक भारी-भरकम ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि चालक और हेल्पर दोनों की जान चली गई। घाटी में कुछ देर के लिए चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

🚛 कैसे हुआ हादसा?

पुलिस के मुताबिक ट्रेलर क्रमांक CG 04 PJ 3515 मध्यप्रदेश के उमरिया से रायपुर की ओर कोयला लेकर रवाना हुआ था। जब वाहन केंदा घाटी से नीचे उतर रहा था, तभी जर्जर और गड्ढों से भरी सड़क पर संतुलन बिगड़ गया। चालक नियंत्रण खो बैठा और देखते ही देखते ट्रेलर पलट गया। भारी मात्रा में कोयला सड़क पर फैल गया।

🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले टूटी सांसें

हादसे में चालक प्रकाश महरा (28), निवासी धनपुरी, जिला शहडोल गंभीर रूप से घायल हुआ। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे पेंड्रा अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

शुरुआत में ट्रेलर मालिक अजीत विश्वकर्मा (निवासी शहडोल) ने पुलिस को बताया कि वाहन में केवल चालक ही सवार था। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने एक और युवक के मौजूद होने की बात कही। पुलिस ने जेसीबी बुलाकर सड़क पर फैले कोयले को हटवाया—और फिर जो सामने आया, उसने सबको सन्न कर दिया।

😢 कोयले के नीचे दबा मिला हेल्पर

मलबा हटाने पर ट्रेलर के नीचे दबा एक युवक मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उमेश विश्वकर्मा (25), निवासी धनपुरी, जिला शहडोल के रूप में हुई, जो ट्रेलर में हेल्पर था।

🛣️ बदहाल सड़क पर उठे सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि केंदा घाटी मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल है। बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते भारी वाहनों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। लगातार हादसों के बावजूद मरम्मत कार्य की रफ्तार बेहद धीमी बताई जा रही है।

🔎 जांच जारी

पुलिस ने मर्ग कायम कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। हादसे ने एक बार फिर घाटी मार्ग की बदहाल स्थिति और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

केंदा घाटी की ये सड़क आखिर कब तक लीलती रहेगी जिंदगियां? यह सवाल अब हर किसी के मन में गूंज रहा है…

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