‘सीएम श्री स्कूल योजना’ से बदलेगी तस्वीर! 75 स्कूलों में 7000 AI स्मार्ट क्लासरूम, दिल्ली के सरकारी स्कूल बनेंगे हाई-टेक

नई दिल्ली। राजधानी में सरकारी स्कूलों की सूरत और सीरत बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। रेखा गुप्ता की सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए सीएम श्री स्कूल योजना की शुरुआत कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 75 सरकारी स्कूलों में 7000 AI स्मार्ट क्लासरूम, 175 ICT लैब, 100 से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी और 175 से ज्यादा लैंग्वेज लैब स्थापित किए जाएंगे।
🎓 सरोजिनी नगर से हुई भव्य शुरुआत
योजना की औपचारिक लॉन्चिंग सरोजिनी नगर स्थित एक सरकारी स्कूल से की गई। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद मौजूद रहे। कार्यक्रम में डिजिटल शिक्षा के नए विजन को प्रस्तुत किया गया।
🤖 ब्लैकबोर्ड से आगे बढ़कर AI तक
सरकार का कहना है कि अब पढ़ाई पारंपरिक ब्लैकबोर्ड तक सीमित नहीं रहेगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स की मदद से छात्रों को आधुनिक और इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाया जाएगा।
लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक सभी 7000 स्मार्ट क्लासरूम पूरी तरह से चालू हो जाएं।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बजट को लेकर उठे सवालों पर कहा कि “अगर इसे कम बजट कहा जा रहा है, तो यही बजट बेहतर नतीजे और ज्यादा काम देने वाला साबित होगा।”
💻 175 ICT लैब और 100+ डिजिटल लाइब्रेरी
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए:
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175 नए ICT लैब तैयार किए जा रहे हैं
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लगभग 7,000 कंप्यूटर लगाए जा चुके हैं
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100 से अधिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित होंगी
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175 से ज्यादा लैंग्वेज लैब्स बनेंगी
इन सुविधाओं से छात्रों को ऑडियो-वीडियो कंटेंट, प्रैक्टिकल लर्निंग और भाषा कौशल विकसित करने का आधुनिक अवसर मिलेगा।
🌍 अब यमुना पार और बाहरी इलाकों तक पहुंचेगी टेक्नोलॉजी
सरकार का दावा है कि डिजिटल शिक्षा अब सिर्फ चुनिंदा स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगी। रोहिणी, यमुना पार और बाहरी इलाकों के सरकारी स्कूलों में भी एडवांस टेक्नोलॉजी पहुंचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि हर बच्चे को समान गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।
🔔 शिक्षा में डिजिटल क्रांति की शुरुआत
‘सीएम श्री स्कूल योजना’ दिल्ली के शिक्षा तंत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रही है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा में यह हाई-टेक सपना कितनी तेजी से हकीकत में बदलता है।


