छत्तीसगढ़

आधी रात की दस्तक… 58 फरार वारंटी धराए, रायपुर में चला पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’

कॉम्बिंग गश्त से मचा हड़कंप, चोरी-लूट से लेकर नारकोटिक्स तक के आरोपी सलाखों के पीछे

रायपुर: राजधानी में गुरुवार की रात कई घरों के दरवाजों पर अचानक पुलिस की दस्तक गूंजी… और देखते ही देखते 58 फरार वारंटी पुलिस के शिकंजे में आ गए। रायपुर के नॉर्थ जोन क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की नींद उड़ा दी।

यह सघन कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ कॉम्बिंग गश्त चलाई गई।


कैसे चला ‘ऑपरेशन शिकंजा’?

20 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस विशेष अभियान का उद्देश्य था—लंबित वारंटों की तामीली और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी।

थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पण्डरी और खम्हारडीह क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। संदिग्ध ठिकानों की जांच, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण और लगातार पतासाजी के बाद एक-एक कर आरोपी पकड़े गए।


थानावार बड़ी कार्रवाई

  • खमतराई: 16 स्थायी वारंट, 9 गिरफ्तारी वारंट

  • उरला: 2 स्थायी, 9 गिरफ्तारी वारंट

  • गुढ़ियारी: 3 स्थायी, 3 गिरफ्तारी वारंट

  • पण्डरी: 1 स्थायी, 4 गिरफ्तारी वारंट

  • खम्हारडीह: 1 स्थायी, 8 गिरफ्तारी वारंट

👉 कुल मिलाकर 24 स्थायी वारंट और 34 गिरफ्तारी वारंट तामिल किए गए।
👉 कुल 58 वारंटी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।


किन अपराधों में थे फरार?

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी चोरी, लूट, मारपीट, नारकोटिक्स एक्ट, आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट सहित कई गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे।

इस अचानक हुई कार्रवाई से अपराधियों में दहशत का माहौल बन गया है। कई संदिग्ध व्यक्तियों और ठिकानों की भी जांच की गई, जिससे पुलिस की मौजूदगी का असर साफ दिखाई दिया।


पुलिस का सख्त संदेश

अधिकारियों ने साफ किया है कि इस तरह के विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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