स्कार्पियो पर ‘CID’ का बोर्ड… और शहर में फैल गई दहशत! धमतरी में फर्जी अधिकारी गिरफ्तार
‘नेशनल क्राइम कंट्रोल’ के नाम पर टोल से बचता, लोगों पर जमाता था रौब — पुलिस ने खोली परतें तो सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

धमतरी। शहर की सड़कों पर काली स्कार्पियो में घूमता एक युवक खुद को “CID अधिकारी” बताकर लोगों पर ऐसा रौब झाड़ता था कि कई लोग उसके सामने सहम जाते थे। लेकिन उसका यह खेल ज्यादा दिन नहीं चल सका। धमतरी पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया — और जो खुलासा हुआ, उसने सबको चौंका दिया।
🔎 स्कार्पियो पर लगा था बड़ा बोर्ड, लिख रखा था ‘VICE PRESIDENT’
पुलिस के मुताबिक 21 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली कि आमातालाब रोड स्थित श्रद्धा वेल्डिंग दुकान के पास एक संदिग्ध व्यक्ति स्कार्पियो (CG 05 AU 6136) खड़ी कर खुद को CID अधिकारी बताकर लोगों को धमका रहा है।
वाहन पर “VICE PRESIDENT C.G. NATIONAL CRIME CONTROL ORG. ALL INDIA” का बोर्ड और लोगो लगा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
🪪 फर्जी आईडी कार्ड का खेल
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम टिकेश्वर नरेटी (28 वर्ष), निवासी ग्राम डांगरा, थाना दुर्गकोंदल, जिला उत्तर बस्तर कांकेर बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो कथित पहचान पत्र बरामद हुए, जिन पर “Crime Investigation Department” और “Crime Investigation Detective” अंकित था।
प्रारंभिक जांच में ये दोनों आईडी कार्ड पूरी तरह फर्जी पाए गए। जब पुलिस ने किसी शासकीय एजेंसी से जुड़ा प्रमाण मांगा, तो वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
कड़ाई से पूछताछ में उसने कबूल किया कि सितंबर 2025 में उसने ये फर्जी आईडी कार्ड बनवाए थे। इतना ही नहीं — वह ऑनलाइन भुगतान कर इनकी कथित “वैधता” बढ़वाता था और इन्हीं के दम पर टोल टैक्स से बचने व अलग-अलग जगह प्रभाव जमाने की कोशिश करता था।
📱 मोबाइल, वाहन और फर्जी बोर्ड जब्त
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से:
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02 फर्जी आईडी कार्ड
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“NATIONAL CRIME CONTROL ORG.” लिखा बोर्ड
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महिंद्रा स्कार्पियो CG 05 AU 6136
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iPhone 11 Pro (जियो सिम सहित)
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सैमसंग M12 मोबाइल (जियो व बीएसएनएल सिम सहित)
जब्त किए हैं।
⚖️ गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले में थाना सिटी कोतवाली धमतरी में अपराध क्रमांक 66/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 204, 205 और 336(3) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी को 21 फरवरी की रात गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
🕵️ क्या है पीछे का नेटवर्क?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब इस मामले के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि फर्जी आईडी कार्ड तैयार करने और उन्हें “अपडेट” करने में और कौन-कौन शामिल हैं।


