छत्तीसगढ़

“डिजिटल ठगों की खैर नहीं!” — AI समिट में छत्तीसगढ़ के भाई-बहन ने रचा इतिहास, 40,000 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ जीता राष्ट्रीय खिताब

‘कर्तव्य’ नाम के AI ऐप से अब पहचान में आएगी फर्जी आवाज, दिल्ली के राष्ट्रीय मंच पर गूंजा रायपुर का नाम

“डिजिटल ठगों की खैर नहीं!” — AI समिट में छत्तीसगढ़ के भाई-बहन ने रचा इतिहास, 40,000 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ जीता राष्ट्रीय खिताब

रायपुर। क्या अब फोन पर आने वाली हर आवाज पर भरोसा करना सुरक्षित होगा? डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ के दो युवा चेहरों ने ऐसा AI हथियार तैयार किया है, जिसने राष्ट्रीय मंच पर तहलका मचा दिया है।

भारत की राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित “AI इंपैक्ट समिट” में रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक ने प्रथम स्थान हासिल कर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया।


🏆 40,000 प्रतिभागियों के बीच सबसे आगे

“इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन” में देशभर से 40,000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। तीन कठिन चरणों को पार करते हुए शीर्ष स्थान तक पहुंचना उनकी असाधारण प्रतिभा, मेहनत और नवाचार का प्रमाण है।

यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता का राष्ट्रीय स्तर पर डंका बजने जैसा है।


🤖 “कर्तव्य” ऐप — डिजिटल ठगी के खिलाफ नई ढाल

उनका विकसित किया गया “कर्तव्य” AI ऐप एक बेहद संवेदनशील और सामयिक समस्या का समाधान पेश करता है।

यह ऐप AI-जनित (कृत्रिम) आवाज और वास्तविक मानव आवाज में अंतर पहचान सकता है।
यानि अब कोई भी साइबर ठग यदि AI से किसी की आवाज की नकल कर धोखा देने की कोशिश करे, तो यह तकनीक उसे पकड़ सकती है।

डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच यह ऐप आम लोगों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।


🌟 सीएम ने दी बधाई, कहा—प्रदेश के युवाओं की नई पहचान

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर दोनों प्रतिभाशाली युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए यहां के युवा आधुनिक तकनीक की दौड़ में भी अव्वल साबित हो रहे हैं।

उन्होंने इसे प्रदेश में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण बताया।


🔍 परंपरा और तकनीक का संगम

जहां एक ओर छत्तीसगढ़ अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है, वहीं अब यहां के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

अनुराग और आस्था की सफलता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ सिर्फ खनिज और कृषि ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी इनोवेशन का भी बड़ा केंद्र बन सकता है।

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