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महिंद्रा ने कर दिया बड़ा धमाका! ₹6,000 करोड़ के करीब मुनाफा, साथ में लिया एक और बड़ा फैसला

Q1 में 37% उछला मुनाफा, आय भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची; मॉरीशस की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के विलय को बोर्ड की मंजूरी

नई दिल्ली। ऑटोमोबाइल दिग्गज महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के दमदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने मुनाफे और आय दोनों मोर्चों पर शानदार वृद्धि दर्ज की है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने एक अहम कॉर्पोरेट फैसले के तहत अपनी मॉरीशस स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के विलय को भी मंजूरी दे दी है।

37% बढ़ा मुनाफा, ₹6,000 करोड़ के करीब पहुंचा नेट प्रॉफिट

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 37% बढ़कर ₹5,997.56 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹4,376.58 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय (Total Income) भी सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ ₹46,446.11 करोड़ से बढ़कर ₹59,203.60 करोड़ पहुंच गई।

स्टैंडअलोन प्रदर्शन भी मजबूत

अगर स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹3,684.97 करोड़ रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹3,449.84 करोड़ था। इससे साफ है कि कंपनी का मुख्य कारोबार भी लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।

ऑटो और ट्रैक्टर कारोबार बना ग्रोथ का इंजन

महिंद्रा एंड महिंद्रा की आय में सबसे बड़ा योगदान ऑटोमोटिव बिजनेस का रहा। इस सेगमेंट से कंपनी ने ₹34,387.25 करोड़ का राजस्व हासिल किया।

वहीं, फार्म इक्विपमेंट (ट्रैक्टर) कारोबार ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए ₹12,500.77 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। दोनों प्रमुख कारोबारों की बेहतर मांग ने कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती दी।

मॉरीशस की सहायक कंपनी का होगा विलय

तिमाही नतीजों के साथ कंपनी ने एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट निर्णय की भी घोषणा की। बोर्ड ने Mahindra Investment Company (Mauritius) Limited के महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड में विलय को मंजूरी दे दी है।

कंपनी का कहना है कि इस कदम से निवेश ढांचे को सरल और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा, जिससे परिचालन दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है।

निवेशकों की नजर आगे की रणनीति पर

मजबूत तिमाही नतीजों और कॉर्पोरेट पुनर्गठन के फैसले के बाद अब निवेशकों की नजर कंपनी की आगामी रणनीति, ऑटो सेक्टर की मांग और आने वाली तिमाहियों के प्रदर्शन पर रहेगी।

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