
रायपुर। घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये ठगने वाले साइबर गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। राजधानी रायपुर में दर्ज दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना ने ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ के तहत यह बड़ी कार्रवाई की।
💰 24 लाख और 34 लाख की ठगी
थाना राखी में प्रार्थी पारस कुमार धीवर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम के नाम पर उनसे 24 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में अपराध क्रमांक 224/24, धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज हुआ।
वहीं थाना धरसीवां में ललित साहू ने 34 लाख रुपये की साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस प्रकरण में धारा 318(4), 3(5) भारतीय न्याय संहिता और 66(D) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
🔍 बैंक खाते, मोबाइल नंबर और टेलीग्राम से खुला राज
जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और टेलीग्राम एप से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया। इसी आधार पर गिरोह के मुख्य आरोपियों की पहचान की गई।
आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीम को राजस्थान और महाराष्ट्र भेजा गया। इससे पहले अजमेर (राजस्थान) के भवानी सिंह, जोधपुर (राजस्थान) के उत्पल पंचारिया और नासिक (महाराष्ट्र) के साहिल संतोष को गिरफ्तार किया जा चुका था।
👮 अब दो और आरोपी गिरफ्तार
ताजा कार्रवाई में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
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आशीष परिहार (28 वर्ष), निवासी डेराथू, नसीराबाद, जिला अजमेर (राजस्थान)
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लक्ष्मन देवाशी (37 वर्ष), निवासी भारला पाली (राजस्थान)
⚠️ पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन वर्क-फ्रॉम-होम या त्वरित मुनाफे के झांसे में आकर किसी भी अनजान लिंक, ऐप या बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
सवाल यह है—
घर बैठे कमाई का लालच कहीं आपकी गाढ़ी कमाई तो नहीं लूट लेगा?
साइबर ठगों का जाल देशभर में फैल चुका है, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तकनीकी जांच से अब बच पाना आसान नहीं।



