समाज कल्याण विभाग में बड़ा बदलाव! अधिकारियों-कर्मचारियों को मिला खास प्रशिक्षण, अब योजनाओं के कामकाज में आएगी और तेजी

Raipur News: छत्तीसगढ़ में समाज कल्याण विभाग की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। राज्यस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026-27 के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को वित्तीय नियमों, कार्यालयीन व्यवस्था और शासकीय कामकाज से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सिर्फ अधिकारियों की जानकारी बढ़ाना नहीं, बल्कि विभागीय योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
वित्तीय नियमों से लेकर कार्यालयीन कामकाज तक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राज्य संसाधन एवं पुनर्वास केंद्र, माना कैंप, रायपुर में किया गया। अलग-अलग सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को सरकारी कार्यों के नियमानुसार और सुचारू संचालन से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी दी गई।
पहले सत्र में छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता पर विस्तृत प्रशिक्षण हुआ। सेवानिवृत्त वित्त नियंत्रक, छत्तीसगढ़ वित्त शासन, तृप्ति शर्मा ने अधिकारियों-कर्मचारियों को वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
इस दौरान शासकीय कार्यों में वित्तीय प्रावधानों के सही अनुपालन, नियमों की समझ और सरकारी धन से जुड़े कार्यों में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
सर्विस बुक और नोटिंग-ड्राफ्टिंग की भी मिली जानकारी
प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में कार्यालयीन व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों पर फोकस किया गया।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अवर सचिव बी.एस. राजपूत ने प्रतिभागियों को सर्विस बुक के संधारण, नस्तियों के निर्माण एवं रख-रखाव, शासकीय पत्राचार, नोटिंग-ड्राफ्टिंग और आवक-जावक प्रक्रिया सहित विभिन्न कार्यालयीन प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी दी।
इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को बताया गया कि सरकारी दस्तावेजों का व्यवस्थित रख-रखाव और प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाता है।
पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान शासकीय प्रक्रियाओं का नियमानुसार पालन करने के साथ-साथ दस्तावेजों के व्यवस्थित संधारण पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्यालयीन कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया गया।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभागीय स्तर पर लिए जाने वाले निर्णय और योजनाओं से जुड़े काम निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार पूरे किए जाएं।
हितग्राहियों को मिलेगी बेहतर सेवा
राज्यस्तरीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज कल्याण विभाग के अमले की प्रशासनिक क्षमता, वित्तीय समझ और कार्यालयीन दक्षता को मजबूत करना है।
विभाग का मानना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बेहतर होने से समाज कल्याण विभाग की योजनाओं और सेवाओं का क्रियान्वयन भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा।
आखिरकार इसका सीधा फायदा उन हितग्राहियों को मिलने की उम्मीद है, जो विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं पर निर्भर हैं। प्रशिक्षण के जरिए सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश अब जमीनी स्तर पर कितनी असरदार साबित होती है, इस पर नजर रहेगी।

