छत्तीसगढ़

नक्सली संगठन को बड़ा झटका? पोलित ब्यूरो सदस्य गणपति के सरेंडर की खबर से हलचल

चार दशक से अंडरग्राउंड रहे माओवादी नेता, तेलंगाना से सामने आई आत्मसमर्पण की खबर; आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी

रायपुर।
प्रतिबंधित नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगने की खबर सामने आ रही है। माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य और पूर्व महासचिव Muppala Lakshmana Rao उर्फ गणपति के आत्मसमर्पण की खबरों से सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

सूत्रों के मुताबिक यह खबर Telangana से सामने आई है। हालांकि अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बस्तर के एक पुलिस अधिकारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि तेलंगाना से इस तरह की जानकारी मिली है, लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि की जा रही है।

बताया जा रहा है कि गणपति माओवादी संगठन के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए संगठन के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद संगठन की कमान Nambala Keshava Rao उर्फ बसवराजू को सौंप दी गई थी।

गौरतलब है कि गणपति पिछले करीब चार दशकों से अंडरग्राउंड रहकर माओवादी गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं। उन्हें संगठन का प्रमुख वैचारिक और रणनीतिक नेता माना जाता रहा है और कई बड़े निर्णयों में उनकी अहम भूमिका रही है।

यदि गणपति के सरेंडर की खबर की पुष्टि होती है तो इसे माओवादी संगठन के लिए सबसे बड़े झटकों में से एक माना जा सकता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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