
रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले छह दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक 23 से 28 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आज इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 23 अगस्त यानी रविवार को छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव शामिल हैं।
इन जिलों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है।
अगले 6 दिन कैसा रहेगा मौसम?
23 अगस्त: प्रदेश के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना है।
24 अगस्त: ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
25 अगस्त: प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बना रहेगा। एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
26 अगस्त: अधिकतर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी है।
27 अगस्त: प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।
28 अगस्त: अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। यानी दिन के तापमान में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा और प्रदेश का मौसम सामान्य के आसपास बना रह सकता है।
हालांकि, लगातार बारिश और गरज-चमक के बीच वज्रपात का खतरा बना रहेगा। ऐसे में बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचना जरूरी है।

