
मुंगेली। मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बीच मुंगेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना लालपुर क्षेत्र के ग्राम कंतेली स्थित आदि श्री महामाया मंदिर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 1 लाख 75 हजार रुपये के सोने-चांदी के धार्मिक आभूषण बरामद किए गए हैं। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी पहले से ही दूसरे मामलों में जेल में बंद हैं।
देवी प्रतिमा से चुराए थे सोने-चांदी के आभूषण
पुलिस के अनुसार, 29 जून 2026 को मंदिर ट्रस्ट के प्रतिनिधि सुरेश यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 28-29 जून की दरम्यानी रात चोरों ने मंदिर का ताला और चैनल गेट तोड़कर गर्भगृह में प्रवेश किया तथा मां महामाया की प्रतिमा पर चढ़े सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए।
चोरी हुए सामान में चांदी का मुकुट, चांदी की माला, सोने का मंगलसूत्र, करधन, ढार, कटहर और अन्य धार्मिक आभूषण शामिल थे।
सीसीटीवी और साइबर जांच से मिला सुराग
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने साइबर सेल, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान अश्वनी आहिरे को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पहले उसने पुलिस को गुमराह किया, लेकिन बाद में चोरी की पूरी साजिश कबूल कर ली।
उसने बताया कि उसने अपने जीजा मंजीत पुरले और साथी पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। चोरी के बाद सभी आभूषण जमकोर में छिपाकर रखे गए थे।
तीन मंदिरों में चोरी का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने सिर्फ कंतेली के महामाया मंदिर ही नहीं, बल्कि मुंगेली जिले के कोदवाबानी स्थित महामाया मंदिर और कबीरधाम जिले के सिल्हाटी महादेव मंदिर में हुई चोरी की घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पुलिस का कहना है कि इस खुलासे से मंदिर चोरी के कई पुराने मामलों की गुत्थी सुलझ गई है।
1.75 लाख के आभूषण बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चंपाबाई गोस्वामी को हिरासत में लेकर उसके कब्जे से चोरी के करीब 1.75 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। जब्त सामान में चांदी के मुकुट, माला, करधन, ढार, सिक्कों की माला, सोने की पत्तियां और अन्य धार्मिक आभूषण शामिल हैं।
दो आरोपी जेल में, जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों अश्वनी आहिरे (24) और चंपाबाई गोस्वामी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं मंजीत पुरले और पप्पू उर्फ सुनील गोस्वामी पहले से ही अन्य मामलों में जेल में बंद हैं।
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।



