छत्तीसगढ़

‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ का असर! 38 लाख के इनामी 5 नक्सलियों ने अचानक किया सरेंडर, पुलिस कैंप में मचा हलचल

डीवीसीएम से लेकर एसीएम रैंक तक के नक्सलियों ने छोड़ा हथियार, कई बड़े मामलों में थे वांछित

Gadchiroli में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से जंगलों में सक्रिय 5 वरिष्ठ नक्सलियों ने पुलिस और CRPF अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर मिलाकर महाराष्ट्र सरकार ने 38 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

बताया जा रहा है कि यह सरेंडर Operation Antim Prahar के तहत हुआ, जिसका मकसद जिले से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करना है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि लगातार बढ़ते दबाव और अभियान की सख्ती के कारण नक्सली संगठन कमजोर पड़ रहे हैं।

आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े रैंक के नक्सली शामिल हैं। इनमें Madhu alias Rakesh alias Bajirao Welda, Jeevan alias Juggu alias Bhima Madkam, Rajni alias Durga alias Ramoti Dhurva, Mangli Raghu Kursam और Laxmi Denga Punem शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, मधु उर्फ राकेश कुतुर एरिया कुरियर टीम में डीवीसीएम रैंक पर सक्रिय था, जबकि जीवन उर्फ जुग्गु कंपनी नंबर 7 में पीपीसीएम के पद पर था। वहीं रजनी उर्फ दुर्गा टेक्निकल टीम में एसीएम के तौर पर काम कर रही थी।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन सभी नक्सलियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें नक्सली हिंसा, पुलिस पर हमले और अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।

सरेंडर के बाद सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने इनसे पूछताछ भी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इनके जरिए नक्सली संगठन की अंदरूनी गतिविधियों और रणनीतियों से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” आगे भी जारी रहेगा और नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए लगातार प्रेरित किया जाएगा।

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