दिल्ली के स्कूलों में अब किताबें नहीं… टैबलेट से होगी पढ़ाई! रेखा सरकार का बड़ा गेमचेंजर प्लान
AI आधारित शिक्षा मॉडल लागू करने जा रही है दिल्ली सरकार, 21 हजार टैबलेट और स्मार्ट क्लास से बदलेगा पढ़ाई का तरीका—CBSE पर फोकस, DBSE होगा बंद

नई दिल्ली, 14 जुलाई 2025
दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था में आने वाले समय में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को प्रेस वार्ता में ऐलान किया कि रेखा सरकार अब राजधानी के स्कूलों में AI और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा मॉडल लागू करने जा रही है। इस योजना के तहत 21 हजार टैबलेट बांटे जाएंगे और 21000 स्मार्ट क्लासरूम बनाए जाएंगे।
आशीष सूद ने कहा कि, “पिछली सरकार ने शिक्षा को केवल चुनावी स्टंट बना दिया था—कुछ कमरे और स्वीमिंग पूल बनाकर इसे ‘मॉडल’ कह दिया गया, जबकि असल में दिल्ली के सरकारी स्कूल पिछड़ते चले गए।” उन्होंने बताया कि राजधानी में अब केवल 1000 सरकारी स्कूल बचे हैं, जबकि निजी स्कूलों की संख्या 1700 पार कर चुकी है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार अब CBSE बोर्ड को ही मान्यता देगी, और DBSE (Delhi Board of School Education) को बंद करने का फैसला लिया गया है। साथ ही, शिक्षा को मातृभाषा में देने और ‘साइंस ऑफ लिविंग’ व अध्यात्म जैसे विषयों को भी कोर्स में शामिल किया जाएगा।
दिल्ली कैबिनेट ने नए शिक्षा अधिनियम को मंजूरी देकर राष्ट्रपति के पास भेज दिया है, और इसे नए शिक्षा वर्ष से लागू किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि सरकार CSR के जरिए गरीब बच्चों को टैबलेट और संसाधन मुहैया कराने के लिए एक विशेष पहल शुरू करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार 12 विश्वविद्यालयों को ग्रांट दे रही है और 16 कॉलेजों को 5% तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। “हमारा लक्ष्य है कि स्कूल-कॉलेज विवादमुक्त बनें और छात्र निर्बाध पढ़ाई कर सकें,” मंत्री ने जोड़ा।




