छत्तीसगढ़

जब छत्तीसगढ़ी सुरों पर थिरक उठा चक्रधर समारोह, अनुराग शर्मा की आवाज ने बांधा ऐसा समां कि झूम उठे दर्शक

41वें चक्रधर समारोह की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में अनुराग शर्मा ने छत्तीसगढ़ी लोकगीतों से बिखेरी माटी की खुशबू, हिंदी के सुपरहिट गीतों ने भी जमाया रंग

रायगढ़, 19 सितंबर 2026। 41वें चक्रधर समारोह की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत के रंग में रंग गई। छत्तीसगढ़ की माटी से जुड़े लोकप्रिय गायक, संगीतकार और अभिनेता अनुराग शर्मा ने अपनी सुरीली आवाज से ऐसा समां बांधा कि दर्शक सुर और ताल में डूबे नजर आए।

छत्तीसगढ़ी बोली, लोकधुन और माटी की खुशबू से सजे एक से बढ़कर एक गीतों ने समारोह के मंच को जीवंत कर दिया। अनुराग शर्मा की मधुर आवाज और भावपूर्ण गायन ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। उनके गीतों के साथ श्रोता भी तालियों की गूंज के बीच झूमते दिखाई दिए।

लोकगीतों के साथ हिंदी गानों का भी दिखा रंग

अनुराग शर्मा ने अपनी प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों के साथ कई सुपरहिट हिंदी गीत भी प्रस्तुत किए। एक ओर जहां छत्तीसगढ़ी लोकधुनों ने दर्शकों को अपनी माटी और संस्कृति से जोड़ा, वहीं हिंदी गीतों ने कार्यक्रम में मनोरंजन का रंग और गहरा कर दिया।

उनकी गायकी में छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत की मिठास और भावनाओं की सहज अभिव्यक्ति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रस्तुति के दौरान दर्शक तालियों के साथ कलाकार का उत्साह बढ़ाते रहे।

गायन के साथ संगीत और अभिनय में भी बनाई पहचान

अनुराग शर्मा छत्तीसगढ़ी कला और संगीत जगत के बहुमुखी प्रतिभा वाले कलाकार हैं। गायन के साथ उन्होंने संगीत और अभिनय के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है।

अब तक उनकी 500 से अधिक लाइव प्रस्तुतियां हो चुकी हैं, जबकि उनके 1000 से अधिक गीत रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। फिल्म और एल्बम के लिए उन्हें 11 बार बेस्ट प्लेबैक सिंगर का पुरस्कार मिलने की जानकारी दी गई है।

छत्तीसगढ़ी संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया

अनुराग शर्मा ने छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने अमेरिका के शिकागो में छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत की प्रस्तुति देकर अपनी कला का प्रदर्शन किया है।

चक्रधर समारोह की इस शाम में उनकी प्रस्तुति ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, बोली और सांस्कृतिक विरासत को मंच के केंद्र में ला दिया। सुरों की मिठास और लोकगीतों की खुशबू से सजी यह शाम दर्शकों के लिए यादगार बन गई।

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