Padmashri Surendra Dubey Funeral: पंचतत्व में विलीन हुए पद्मश्री कवि सुरेंद्र दुबे, बेटे अभिषेक ने दी मुखाग्नि

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जाने माने प्रसिद्ध हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र दुबे पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। मारवाड़ी शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे अभिषेक दुबे ने उन्हे मुखाग्नि दी।
बता दें कि, हार्टअटैक से बीते गुरुवार को उनका निधन हुआ था। एसीआई में उपचार के दौरान उनका निधन हुआ है। पद्मश्री सुरेंद्र दुबे न सिर्फ छत्तीसगढ़ के कवि थे बल्कि वे एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़े कवि के रूप में भी जाने जाते थे। कवि होने के साथ-साथ वे आयुर्वेदिक चिकित्सक भी थे।
Padmashri Surendra Dubey Funeral: सुरेंद्र दुबे का जन्म 8 जनवरी 1953 को छत्तीसगढ़ में दुर्ग के बेमेतरा में हुआ था। उन्होंने कई किताबें भी लिखी। वह कई मंचों और टेलीविजन शो पर दिखाई देते रहे हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा 2010 में, देश के चौथे उच्चतम भारतीय नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह 2008 में काका हाथरसी हास्य रत्न पुरस्कार भी प्राप्त किए थे।
