PM मोदी का ‘उपवास मंत्र’: साल में 138 दिन भूखे रहकर भी 75 की उम्र में 25 जैसी एनर्जी… राज़ खोल देगा ये रिपोर्ट!

नई दिल्ली।
17 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 साल के हो गए, लेकिन उनकी फिटनेस और एनर्जी देखकर हर कोई दंग है। दिन में 20 घंटे काम, लगातार विदेश यात्राएं और चेहरे पर कभी थकान का नामोनिशान नहीं। आखिर इसका राज़ क्या है? जवाब है — उनका उपवास अनुशासन।
साल में 138 दिन उपवास, फिर भी सुपर एनर्जेटिक!
मोदी का उपवास कोई साधारण डाइट नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुशासन और आयुर्वेद का मिश्रण है।
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चातुर्मास (120 दिन): इस दौरान 24 घंटे में सिर्फ एक बार हल्का भोजन—जैसे मूंग दाल-चावल की खिचड़ी या दाल-रोटी।
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शारदीय नवरात्रि (9 दिन): केवल गर्म पानी, बिना खाना!
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चैत्र नवरात्रि (9 दिन): दिन में एक बार सिर्फ एक फल—जैसे पपीता।
👉 इस तरह, पीएम मोदी सालभर में करीब 138 दिन उपवास रखते हैं।
‘मां हीराबेन’ की दी सीख
मोदी ने Lex Fridman पॉडकास्ट में बताया कि उपवास की प्रेरणा उन्हें अपनी मां हीराबेन से मिली। “मां ने सिखाया कि उपवास भूखे रहना नहीं, बल्कि मन और शरीर को संतुलित करना है।” यही सादगी और अनुशासन आज भी उनकी लाइफ का हिस्सा है।
खर्च बेहद मामूली, असर गज़ब का!
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चातुर्मास: ₹3,600
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चैत्र नवरात्रि: ₹200
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शारदीय नवरात्रि: ₹0
➡️ कुल खर्च सालभर में करीब ₹3,800!
इतने में तो लोग एक महीने की कॉफी भी नहीं पी पाते, और मोदी इसी में सालभर की एनर्जी डोज़ बना लेते हैं।
‘उपवास मुझे और तेज़ बनाता है’ – मोदी
मोदी कहते हैं, “लोग सोचते हैं उपवास कमजोरी लाता है, लेकिन यह मेरी इंद्रियों को तेज करता है, मुझे और एनर्जेटिक बनाता है।”
आयुर्वेद भी मानता है कि उपवास शरीर को डिटॉक्स करता है, इच्छाशक्ति और मानसिक स्पष्टता बढ़ाता है।
👉 75 की उम्र में भी नरेंद्र मोदी की फुर्ती और करिश्मा का राज़ अब साफ है — सालभर में 138 दिन का उपवास, अद्भुत अनुशासन और मां की सिखाई सादगी।

