हर कौर में जहर, गांव के अंदर चल रही थी खामोश फैक्ट्री… गुटखा का सच जानकर कांप जाएंगे
दुर्ग में नकली जर्दा गुटखा का बड़ा खुलासा, बाहर से आए मजदूरों के सहारे चल रहा था करोड़ों का खेल

छत्तीसगढ़ के Durg जिले से एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने गुटखा खाने वालों के बीच डर और चिंता बढ़ा दी है। नंदिनी थाना क्षेत्र के बासिन गांव में एक अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई है, जहां चुपचाप नकली जर्दा युक्त गुटखा तैयार किया जा रहा था।
पुलिस और खाद्य-औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने जब यहां छापेमारी की, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। ‘मुसाफिर’ और ‘M4’ जैसे ब्रांड नामों के तहत बड़े पैमाने पर गुटखा तैयार किया जा रहा था, जो बाजार में असली के नाम पर बेचा जा रहा था।
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में 13 मजदूर काम करते हुए मिले, जो अलग-अलग राज्यों से लाए गए थे। इन सभी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं और यह अवैध कारोबार कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है।
मौके से भारी मात्रा में तैयार गुटखा, सुगंधित जर्दा, पैकिंग सामग्री, मशीनें और कच्चा माल बरामद किया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री अप्रैल की शुरुआत से ही सक्रिय थी और लगातार उत्पादन कर रही थी।
जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन अधिकारी Jitendra Nene के अनुसार, ‘मुसाफिर’ ब्रांड के पैकेट पर कुम्हारी स्थित ‘रजत सेल्स’ का लाइसेंस नंबर भी मिला है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ रही है कि यह असली कंपनी की आड़ में चल रहा फर्जी खेल है या फिर ब्रांड का दुरुपयोग कर नकली गुटखा बनाया जा रहा था।
यह मामला सिर्फ अवैध कारोबार का नहीं, बल्कि लोगों की सेहत से जुड़े एक बड़े खतरे का संकेत भी है। क्योंकि ऐसे नकली उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले तत्व पूरी तरह अनियंत्रित और खतरनाक हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिसने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बाजार में बिक रहा हर गुटखा क्या वाकई सुरक्षित है।