छत्तीसगढ़

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के नाम पर बड़ा खेल! 21 लाख लेकर गायब हुआ आयोजक, सच पता चलते ही मच गया हड़कंप

पोस्टर छपे, तैयारियां शुरू हुईं, लेकिन कथा की तारीख निकली फर्जी… अब आरोपी पर FIR दर्ज

पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा के नाम पर बड़ा खेल! 21 लाख लेकर गायब हुआ आयोजक, सच पता चलते ही मच गया हड़कंप

पोस्टर छपे, तैयारियां शुरू हुईं, लेकिन कथा की तारीख निकली फर्जी… अब आरोपी पर FIR दर्ज

राजनांदगांव। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण कथा कराने के नाम पर 21 लाख रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अंबागढ़ चौकी की भोलेनाथ सेवा समिति ने छुरिया ब्लॉक के ग्राम हालेकोसा निवासी दिनेश साहू पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि आरोपी दिनेश साहू वही व्यक्ति है, जो हर साल अपने गांव में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा का आयोजन कराता रहा है। इसी भरोसे में समिति के सदस्यों ने उसे बड़ी रकम सौंप दी। आरोप है कि दिनेश साहू ने 8 मई से 14 मई 2026 तक शिवपुराण कथा कराने का भरोसा दिलाया था, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि उन्हीं तारीखों में पंडित प्रदीप मिश्रा का कार्यक्रम झारखंड के रांची में पहले से तय है।

समिति के अनुसार, आरोपी को दो किश्तों में कुल 21 लाख रुपये नगद दिए गए थे। पहली किश्त 5 लाख और दूसरी 16 लाख रुपये उसकी किराना दुकान में सौंपे गए। रकम लेने के बाद कथित तौर पर कथा आयोजन की तैयारियां भी शुरू करवा दी गईं। पोस्टर, बैनर और निमंत्रण पत्र तक छपवा दिए गए, जिससे किसी को शक नहीं हुआ।

मामले का खुलासा तब हुआ जब समिति के सदस्य सच्चाई जानने मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरश्वर धाम पहुंचे। वहां कथित तौर पर पंडित प्रदीप मिश्रा के कार्यालय से जानकारी मिली कि अंबागढ़ चौकी में कथा आयोजन के लिए कोई राशि जमा ही नहीं की गई है। यह सुनते ही समिति के सदस्यों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

इसके बाद समिति ने आरोपी दिनेश साहू से रकम वापस मांगी, लेकिन आरोप है कि वह लगातार टालमटोल करता रहा और पैसा वापस नहीं किया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया।

अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित ठगी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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